रीवा। रीवा संभाग में अवैध एवं मिलावटी शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अब छोटे-मोटे मामलों तक सीमित कार्रवाई के बजाय बड़े अवैध शराब कारोबारियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को गांव-गांव में बिक रही अवैध शराब पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- अवैध व मिलावटी शराब के खिलाफ बड़े कारोबारियों पर हो कड़ी कार्रवाई : कमिश्नर शीलेंद्र सिंह
कमिश्नर ने विशेष रूप से मैहर जिले में गांवों में अवैध शराब बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले से अवैध शराब बिक्री की शिकायत प्राप्त होने पर उसे लंबित न रखा जाए और समय रहते कार्रवाई की जाए।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी
कमिश्नर ने सीमावर्ती प्रदेशों से होने वाले अवैध शराब परिवहन पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से लगे लगभग 5 से 6 किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाए। यदि अवैध शराब परिवहन की सूचना मिलती है तो आबकारी एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए शराब जब्त करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के बड़े कारोबारियों और सप्लाई नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जाए। केवल छोटे मामलों में कार्रवाई करने के बजाय अवैध शराब के मुख्य स्रोत और बड़े कारोबारियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए।

कंपोजिट मदिरा दुकानों की शत-प्रतिशत जांच
कमिश्नर ने सभी आबकारी निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों की कंपोजिट मदिरा दुकानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण करने तथा सभी दुकानों से शत-प्रतिशत सैंपलिंग लेने के निर्देश दिए। बैठक में सैंपलिंग की कम संख्या पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए। उड़नदस्ता दल को भी अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि उड़नदस्ता दल द्वारा प्रत्येक माह मदिरा दुकानों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही आबकारी अधिकारी प्रतिदिन की गई कार्रवाई की समीक्षा कर अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दें।
छह जिलों में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में पिछले माह अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध दर्ज न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार रीवा में 115, मऊगंज में 42, सतना में 54, मैहर में 38, सीधी में 73 तथा सिंगरौली में 48 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कमिश्नर ने आबकारी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की कार्रवाई क्षेत्रफल और आबादी के अनुपात में भी प्रभावी दिखाई देनी चाहिए। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में कार्रवाई में अपेक्षित प्रगति दिखाई दे तथा इसके बाद वे पुनः कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।

राजस्व चोरी रोकने पर जोर
बैठक में बताया गया कि अगस्त माह तक कोई भी लाइसेंसी शराब दुकान डिफाल्टर नहीं है। जिलों में संचालित कंपोजिट मदिरा दुकानों के फुटकर लाइसेंसियों द्वारा सात दिवस के भीतर इस माह की शेष बकाया राशि जमा करने की जानकारी दी गई। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में राजस्व की चोरी और टैक्स चोरी नहीं होने दी जाए। अवैध एवं मिलावटी शराब की बिक्री पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकने के साथ अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएं।
पंजीयन विभाग को अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने के निर्देश
बैठक में जिला पंजीयन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने सभी जिला पंजीयन अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अतिरिक्त भी राजस्व बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए। त्रैमासिक राजस्व वसूली की समीक्षा में बताया गया कि रीवा एवं मऊगंज में 91 प्रतिशत, सतना एवं मैहर में 93 प्रतिशत, सीधी में 92 प्रतिशत तथा सिंगरौली में 247 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। कमिश्नर ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के साथ दस्तावेजों की अनिवार्य जांच करने के निर्देश दिए। राजस्व हानि पाए जाने पर नियमानुसार पेनाल्टी अधिरोपित कर उसकी राशि शासन के हित में प्राथमिकता से वसूल करने को कहा। उन्होंने पेनाल्टी संबंधी जारी आदेशों की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने सभी जिला पंजीयन अधिकारियों को उन क्षेत्रों की पहचान कर राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं का फॉर्मेट तैयार करने के निर्देश दिए, जहां अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया जा सकता है। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित रीवा संभाग के सभी जिलों के आबकारी एवं जिला पंजीयन अधिकारी उपस्थित रहे।
