रीवा। नगर निगम में कई वर्षों से संचालित सूत्र सेवा अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में समायोजित हो जाएंगी। नई योजना के तहत रीवा सहित पूरे प्रदेश में 25 सितंबर से बसों के संचालन की शुरुआत होगी। अब इन बसों का रंग भगवा हो जाएगा और ये सुगम परिवहन सेवा के नाम से संचालित होने लगेंगी। भोपाल के दशहरा मैदान से शुक्रवार को प्रदेशभर के लिए बसें रवाना की जाएंगी। रीवा में अब तक सूत्र सेवा की 20 बसें संचालित की जा रही थी, छह ई-बसें भी मंगाई गई हैं लेकिन इनका संचालन लंबे समय से अटका हुआ है। अब सभी 26 बसें सुगम परिवहन परिवहन सेवा के नाम से संचालित होंगी।
इस योजना के प्रथम चरण में रीवा जोन के 35 रूट चिह्नित किए गए हैं, जहां पर 184 यात्री बसें संचालित की जानी है। रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड कंपनी इन बसों के संचालन और निगरानी का काम करेगी। इस कंपनी का कार्यक्षेत्र में रीवा और शहडोल संभाग के सभी जिलों को शामिल किया गया है। अभी शुरुआती चरण में सूत्र सेवा की बसें ही सड़कों पर नजर आएंगी। नए सिरे से बसों के संचालन की व्यवस्था में अभी समय लग सकता है। टेंडर प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, इसलिए नई बसों की सेवा मिलने में देरी होगी। योजना के तहत चिन्हित सभी रूट पर बसों का संचालन होने में लंबा समय लगा सकता है। प्रशासन ने प्राथमिक तैयारियां प्रारंभकर दी हैं।
पहले चरण में इन रूटों में चलेंगी बसें
पहले चरण में बसें संचालित करने टेंडर प्रक्रिया के जरिए आपरेटर तय किया जाएगा। इसके लिए 35 रूट चिन्हित किए गए हैं, जिसमें रीवा से सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडोरी, पचमढ़ी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पन्ना, छतरपुर, बागेश्वरधाम, दमोह, पथरिया, सागर, विदिशा, देवास, इंदौर, ओंकारेश्वर, बैतूल, गुना, अशोक नगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, पांढुर्ना, सीहोर, भोपाल सहित अन्य रूट शामिल हैं।
अभी 3 रूट पर मिलेगी इंटरसिटी सेवा
सुगम परिहवन सेवा के शुरआती चरण में सूत्र सेवा की बसें तीन रूट पर संचालित होंगी। जिसमें एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने का काम किया जाएगा। इसमें रीवा से सीधी और रीवा से जबलपुर के साथ रीवा से सतना होते हुए छतरपुर तक यात्री सेवा प्रारंभ होगी। छह ई-बसों के साथ 20 डीजल बसें उक्त रूटों पर दौड़ेंगी। इन बसों की बुकिंग फिलहाल रेडबस एप-पोर्टल के जरिए की जाएगी। बाद में सरकार खुद का नया पोर्टल और एप लांच करेगी।
शहर के भीतर बस सेवा बंद होने की आशंका
नई परिवहन सेवा प्रारंभ होने जा रही है, जिसमें शुरुआती चरण में रीवा में इंट्रासिटी सेवा का उल्लेख नहीं है। इससे शहर के भीतर यात्री बसें आगे भी संचालित होती रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। सूत्र सेवा में भी शहरी क्षेत्र के भीतर बसों के संचालन में पहले से ही मनमानी की जा रही थी। दावा है कि रेलवे स्टेशन से रायपुर कर्चुलियान तक चार और रेलवे स्टेशन से बैकुंठपुर तक पांच ‘बसें संचालित की जा रही हैं। इस दावे के विपरीत बहुत कम बसें ही दिखाई दे रही हैं। शहर के भीतर चलने वाली बसें सतना एवं मैहर रूट पर चल रही हैं। कुछ समय पहले एक शिकायत यह भी सामने आई थी कि रीवा से सतना और रीवा से जबलपुर के बीच कई ऐसी बसें चल रही हैं, जो सूत्र सेवा में रजिस्टर्ड नहीं हैं। परिवहन विभाग इस मामले में खामोश है। यदि नए प्रारूप के तहत गठित समिति ने इन सब पर ध्यान नहीं दिया, तो मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का हाल भी सूत्र सेवा की तरह हो जाएगा।
संचालन कमेटी में नौ जिलों के अधिकारी
रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड में रीवा और शहडोल के नौ जिलों को शामिल किया गया है। जिसमें रीवा कलेक्टर के साथ सीधी, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर के कलेक्टर के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। नगर निगम के आयुक्त कार्यकारी निदेशक बनाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी और आरईएस के चीफ इंजीनियर भी शामिल किए गए हैं। इसके चेयरमैन परिवहन विभाग के सचिव को बनाया गया है। कंपनी बसों को परमिट देने, संचालन व निगरानी का काम करेगी। समिति की बैठक जल्द ही रीवा में होगी।
