कांग्रेस के पूर्व पार्षद ने संघर्षों को याद दिलाते हुये मेयर को लिखा पत्र, कहा-पुराने मुद्दों को न भूलें

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कांग्रेस के पूर्व पार्षद ने महापौर को लिखा पत्र, संघर्षों को याद दिलाते हुए कहा- पुराने मुद्दों को मत भूलना

रीवा। पूर्व पार्षद विनोद शर्मा ने महापौर अजय मिश्रा को पत्र लिखकर पूर्व में किए गए संघर्षों को याद दिलाया। कहा कि पार्षद रहते सड़क से सदन तक भ्रष्टाचार व शहरहित के जिन मुद्दों को उठाया था, शहरवासियों को अब उन पर कार्रवाई की अपेक्षा है। उन्होंने तीन प्रमुख बिन्दुओं पर फोकस किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम के रखरखाव को किराए पर दिया गया है, इसे तत्काल निरस्त करते हुए निगम अपने आधिपत्य में ले ताकि आय में वृद्धि हो सके। 

सिटी बस सेवा के लिए जो स्टापेज बना गए हैं वह आधे-अधूरे और जर्जर हैं। इन्हें निगम अपने कब्जे में लेकर विज्ञापन से आय खुद कमाए। साथ ही शहर में लगाए गए गैंट्री गेटों को लेकर भी ध्यान आकृष्ट कराया है कि इससे भी निगम को नुकसान हो रहा है। पूर्व पार्षद ने इस बात का उल्लेख कई बार अपने पत्र में किया है कि पार्षद रहते आपने उक्त मुद्दों पर संघर्ष किया था। साथ ही कहा है कि ऐसे मुद्दे आगे भी याद दिलाते रहेंगे।

समन्वय कमेटी नहीं
नगर निगम में महापौर कांग्रेस पार्टी का पहली बार जनता ने चुना है। जिन पर एक ओर भाजपा घेराबंदी के लिए आक्रामक है, वहीं उनकी खुद की पार्टी के नेता भी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि समन्वय के लिए कोई कमेटी ही नहीं है, जहां पर पार्टी कार्यकर्ताओं की बात भी सुनी जाए। यही कारण है कि अब तक करीब दर्जनभर से अधिक पत्र शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू भी महापौर को लिख चुके हैं। सामान्यतौर पर सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने के लिए कमेटी होती है। भाजपा में पार्टी कार्यालय और विधायक राजेन्द्र शुक्ला अपने कार्यकर्ताओं की बातें सुनने के लिए बैठकें लेते हैं। कांग्रेस में ऐसी व्यवस्था नहीं है।