पिता लालू प्रसाद को नया जीवन देगी बेटी, जानिए डॉक्टर बेटी ने किडनी दान करने का क्यों लिया फैसला और कैसे मान गए लालू

इस महीने के आखिर या फिर दिसंबर में हो सकता है किडनी ट्रांसप्लांट 
 | 
Lalu Prasad Yadav Kidney Transplant

सिंगापुर में इलाज के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की  बेटी रोहिणी आचार्य यादव ने फैसला  लिया है कि वह अपने पिता को किडनी दान कर एक नई जिंदगी देंगी। इसके लिए डॉक्टर बेटी ने अपने ब्लड सैंपल को पिता लालू यादव के ब्लड ग्रुप से मैच भी करा लिया है। बताया जा रहा है कि इस महीने के आखिर या फिर दिसंबर में किडनी ट्रांसप्लांट हो सकता है। बता दें कि 74 वर्षीय लालू प्रसाद यादव सिंगापुर से पिछले महीने ही लौटे हैं, वहां पर वो अपनी किडनी की समस्या का इलाज कराने के लिए गए थे। कईं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लालू यादव को सिंगापुर के डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। बता दें कि लालू प्रसाद इन दिनों दिल्ली में हैं और चारा घोटाला मामले में जमानत पर जेल से बाहर हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह देने के बाद सिंगापुर में रहने वालीं उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने डॉक्टर्स से बात करने के बाद अपनी किडनी डोनेट करने का फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने अपने और पिता के ब्लड सैंपल की जांच भी कराई है। दोनों के ब्लड ग्रुप भी मैच हो गए हैं। जिसके बाद रोहिणी ने अपने पिता को नया जीवन देने का फैसला कर लिया। 

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लालू प्रसाद यादव और रोहिणी आचार्य यादव का ब्लड ग्रुप एक समान है यानी ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है. यही वजह है कि रोहिणी आचार्य किडनी दान करने को तैयार हुई हैं. 

बता दें कि लालू की बेटी रोहिणी खुद भी एक डॉक्टर हैं, इसलिए उन्होंने सिंगापुर के डॉक्टरों से पहले राय-मशविरा किया और जिसके बाद डॉक्टरों ने लालू प्रसाद यादव के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रोहिणी को ही परफ्केट कैंडिडेट माना। लालू यादव और बेटी रोहिणी का ब्लड ग्रुप ग्रुप एबी पॉजिटिव है। जिसके बाद रोहिणी आचार्य किडनी दान करने को तैयार हों गई।


हालांकि, बेटी के इस फैसले लालू प्रसाद यादव सहमत नहीं थे। जिसके बाद लालू यादव को डॉक्टर्स और रोहिणी समझाया कि परिवार के सदस्यों की किडनी लेने पर उसके सफल होने की संभावना अधिक रहती है। बता दें कि लालू यादव के दो बेटे और सात बेटियां हैं।

माना जा रहा है कि इलाज के लिए लालू यादव इस महीने के अंत तक सिंगापुर जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यदि  दवा से उनकी स्थिति में सुधार नहीं होता है तो फिर किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा। बता दें कि चारा घोटाला मामलों में लालू यादव को जेल की सज़ा हो चुकी है और वह उपचार के लिए दिल्ली और रांची में कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं।