Vehicle Scrap Policy:15 साल पुराने वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

सरकार ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से बाबत धारको से सुझाव आपत्ति के बाद 16 जनवरी को अंतिम सूचना जा रही है 
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सरकार द्वारा वाहनों पर एक नई पॉलिसी लाई गई है. बता दें कि सरकार द्वारा व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लाई चाहिए, जिसके तहत आगामी 1 अप्रैल से 15 साल पूरी कर चुके वाहनों को सड़क पर चलने से मना किया जाएगा. साथ ही इन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.  सरकार ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से बाबत धारको से सुझाव आपत्ति के बाद 16 जनवरी को अंतिम सूचना जा रही है जिसके द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि 15 साल पूरे हो चुके वाहनों को सड़क पर चलने से रोका जाएगा.लेकिन सरकार ने आंतरिक सुरक्षा कानून व्यवस्था देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए वाहनों के अंतर्गत नहीं रखा है.  बता दे कि सरकार का कहना है कि यह नियम सरकारी वाहनों जैसे कि केंद्र सरकार उनके सार्वजनिक उपक्रम राज्य सरकार नगर निगम, नगर पालिका स्वायत्त निकाय सेना, पुलिस पंचायत इत्यादि के वाहनों को इस नियम के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है.  इस नियम के तहत यह बताया गया है कि जो गाने 15 साल पुराने हो चुके हैं जो डीजल वाहन है जैसे निजी और व्यवसायिक है, उन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा साथ उन्हें सड़क पर चलाने से रोका जाएगा लेकिन यह नियम सरकारी वाहनों पर लागू नहीं होगा उन्हें इस नियम को फॉलो करने की जरूरत नहीं है.  मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार की वाहनों पर यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन ऐसे वाहनों को चलाने के लिए प्रति वर्ष फिटनेस प्रमाण पत्र और पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क देना आवश्यक होगा.इसके बाद ही सरकारी वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति दी जाएगी.  मीडिया रिपोर्ट की माने तो एक अनुमान के अनुसार विकल्प क्लब पॉलिसी के अंतर्गत लगभग 2.80 करोड वाहन आएंगे जिन्हें सड़क पर चलने से रोका जाएगा.साथ ही वाहन स्वामी कबाड़ सेंटर पर यदि आप अपने पुराने वाहन को बेचकर प्रमाण पत्र पेश करेंगे तो आपको नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क माफ किया जाएगा.  बता दे कि सरकार की इस व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के द्वारा वायु प्रदूषण में 25% की कमी आएगी जिसके कारण वायु प्रदूषण कम होगा.साथ ही सरकार की इस  पॉलिसी के द्वारा बड़े पैमाने पर लोगो को रोजगार भी मिलेगा .

सरकार द्वारा वाहनों पर एक नई पॉलिसी लाई गई है. बता दें कि सरकार द्वारा व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लाई चाहिए, जिसके तहत आगामी 1 अप्रैल से 15 साल पूरी कर चुके वाहनों को सड़क पर चलने से मना किया जाएगा. साथ ही इन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

सरकार ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से बाबत धारको से सुझाव आपत्ति के बाद 16 जनवरी को अंतिम सूचना जा रही है जिसके द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि 15 साल पूरे हो चुके वाहनों को सड़क पर चलने से रोका जाएगा.लेकिन सरकार ने आंतरिक सुरक्षा कानून व्यवस्था देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए वाहनों के अंतर्गत नहीं रखा है.

बता दे कि सरकार का कहना है कि यह नियम सरकारी वाहनों जैसे कि केंद्र सरकार उनके सार्वजनिक उपक्रम राज्य सरकार नगर निगम, नगर पालिका स्वायत्त निकाय सेना, पुलिस पंचायत इत्यादि के वाहनों को इस नियम के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है.

इस नियम के तहत यह बताया गया है कि जो गाने 15 साल पुराने हो चुके हैं जो डीजल वाहन है जैसे निजी और व्यवसायिक है, उन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा साथ उन्हें सड़क पर चलाने से रोका जाएगा लेकिन यह नियम सरकारी वाहनों पर लागू नहीं होगा उन्हें इस नियम को फॉलो करने की जरूरत नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार की वाहनों पर यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन ऐसे वाहनों को चलाने के लिए प्रति वर्ष फिटनेस प्रमाण पत्र और पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क देना आवश्यक होगा.इसके बाद ही सरकारी वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति दी जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट की माने तो एक अनुमान के अनुसार विकल्प क्लब पॉलिसी के अंतर्गत लगभग 2.80 करोड वाहन आएंगे जिन्हें सड़क पर चलने से रोका जाएगा.साथ ही वाहन स्वामी कबाड़ सेंटर पर यदि आप अपने पुराने वाहन को बेचकर प्रमाण पत्र पेश करेंगे तो आपको नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क माफ किया जाएगा.

बता दे कि सरकार की इस व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के द्वारा वायु प्रदूषण में 25% की कमी आएगी जिसके कारण वायु प्रदूषण कम होगा.साथ ही सरकार की इस  पॉलिसी के द्वारा बड़े पैमाने पर लोगो को रोजगार भी मिलेगा .