Current Date
Madhya Pradesh

केंद्रीय विवि सागरः 13 साल से बिना मान्यता के कानून की पढ़ाई, हाईकोर्ट ने हैरानी जताई

Published: October 26, 2024

मध्य प्रदेश / जबलपुर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में विधि पाठ्यक्रम बीते 13 वर्ष से बिना वैध मान्यता के कानून की पढ़ाई चल रही है। इसका खुलासा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका से हुआ। इस पर कोर्ट ने भी हैरानी जताई कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) से वैध मान्यता प्राप्त किए बिना एक दशक से भी ज्यादा समय से छात्रों को कानून पाठ्यक्रमों में प्रवेश दे रहा था।

नामांकन से किया इनकार

  • याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि राज्य बार काउंसिल विवि की मान्यता के मुद्दे के कारण उन्हें नामांकन देने से इनकार कर रहा है। कानून स्नातकों ने बार काउंसिल में वकील के रूप में नामांकन के लिए दिशा-निर्देश भी मांगे। पीठ ने कहा कि कानूनी शिक्षा के नियमों के अनुसार, कानून पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले कॉलेज या विवि को बीसीआइ से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए, फिर यह समझना होगा कि वे कैसे पाठ्यक्रम संचालित कर रहे।

सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने केंद्र, विश्वविद्यालय, राज्य बार काउंसिल और बीसीआइ को नोटिस जारी किया है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के कानून स्नातकों द्वारा याचिका दायर की गई है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार याचिका में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय में 3 वर्षीय और 5-वर्षीय कानून पाठ्यक्रमों के लिए विवि की संबद्धता 2005-06 से 2010-11 तक वैध थी।

याचिकाकर्ताओं ने सुनाया दर्द
याचिकाकर्ताओं में से एक आस्था चौबे न्यायिक परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। कुछ राज्यों में एक वकील के रूप में व्यावहारिक अनुभव की आवश्यकता होती है। वहीं, एक अन्य याचिकाकर्ता आस्था साहू की ओर से बताया गया कि एक लॉ फर्म में नौकरी हासिल की, जिसके लिए उन्हें ऑफर लेटर में उल्लिखित शर्तों के तहत स्टेट बार काउंसिल पंजीकरण प्रमाण-पत्र जमा करना होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। सरकार की ओर से पीठ को बताया गया कि विश्वविद्यालय के कानून विभाग ने मान्यता नवीनीकृत करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और बीसीआइ द्वारा निरीक्षण भी हो चुका है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 18 नवंबर को तय करने का आदेश दिया।

Related Story
Gold Silver Price Today: करवा चौथ पर सोना महंगा, चांदी में गिरावट; जानिए 24, 22 और 18 कैरेट के ताजा भाव
October 29, 2026 Gold Silver Price Today: करवा चौथ पर सोना महंगा, चांदी में गिरावट; जानिए 24, 22 और 18 कैरेट के ताजा भाव
नागपुर में जीत के बाद अभिजीत वंजारी का BJP पर बड़ा दावा, बोले- अब यह कांग्रेस का गढ़; EVM पर भी उठाए सवाल
October 29, 2026 नागपुर में जीत के बाद अभिजीत वंजारी का BJP पर बड़ा दावा, बोले- अब यह कांग्रेस का गढ़; EVM पर भी उठाए सवाल
रीवा में एक्सीलेंस पब्लिक स्कूल की मान्यता पर संकट, जांच में मिलीं गंभीर खामियां; डीईओ ने जारी किया नोटिस
October 29, 2026 रीवा में एक्सीलेंस पब्लिक स्कूल की मान्यता पर संकट, जांच में मिलीं गंभीर खामियां; डीईओ ने जारी किया नोटिस
दिल्ली-NCR में चक्रवात अर्नब का असर, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट; तापमान में आएगी गिरावट
October 29, 2026 दिल्ली-NCR में चक्रवात अर्नब का असर, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट; तापमान में आएगी गिरावट
राहुल गांधी अमित शाह मानहानि केस में बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का बड़ा फैसला; आठ साल पुराने मुकदमे का हुआ अंत
October 26, 2026 राहुल गांधी अमित शाह मानहानि केस में बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का बड़ा फैसला; आठ साल पुराने मुकदमे का हुआ अंत
त्योंथर में विकास पर वर्चस्व की जंग, समर्थकों में टकराव पूर्व विधायक का छलका दर्द
October 16, 2026 त्योंथर में विकास पर वर्चस्व की जंग, समर्थकों में टकराव पूर्व विधायक का छलका दर्द
रिहाई के बाद CJP का संदेश—‘कॉकरोच कभी मरते नहीं’, दोपहर 2 बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
October 11, 2026 रिहाई के बाद CJP का संदेश—‘कॉकरोच कभी मरते नहीं’, दोपहर 2 बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
Kharge on CJI: ‘हाथ जोड़कर गुजारिश करेंगे’, खरगे बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात
October 11, 2026 Kharge on CJI: ‘हाथ जोड़कर गुजारिश करेंगे’, खरगे बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात
Delhi Protest: सुप्रीम कोर्ट में बैरिकेडिंग पर सवाल, मेट्रो और इंटरनेट बहाली पर मांगा जवाब
October 11, 2026 Delhi Protest: सुप्रीम कोर्ट में बैरिकेडिंग पर सवाल, मेट्रो और इंटरनेट बहाली पर मांगा जवाब
Delhi Protest: दिल्ली आंदोलन में अनुच्छेद 19 के मौलिक अधिकारों पर सवाल, क्या पुलिस कार्रवाई संवैधानिक सीमाओं के अनुरूप?
October 11, 2026 Delhi Protest: दिल्ली आंदोलन में अनुच्छेद 19 के मौलिक अधिकारों पर सवाल, क्या पुलिस कार्रवाई संवैधानिक सीमाओं के अनुरूप?

Leave a Comment