सीधी। जिले में औद्योगिक निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड तथा जिला स्तरीय उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन और निर्यात संवर्धन बोर्ड की संयुक्त बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले के उद्यमियों एवं भावी उद्यमियों के साथ उद्यमी संवाद भी हुआ। इस दौरान औद्योगिक निवेश, भूमि, स्वरोजगार, खाद्य प्रसंस्करण और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
9.49 हेक्टेयर में विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अभिलाष मेरावी ने बाड़ीटोला औद्योगिक क्षेत्र के विकास की जानकारी दी। बताया गया कि 9.49 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र के लिए 1122 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है। यहां कुल 61 प्लॉट आवंटन योग्य हैं, जिनका आकार 5000 से 13,000 वर्गमीटर तक है। औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के साथ करीब 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई।
औद्योगिक क्षेत्र का कराया जाएगा व्यापक प्रचार-प्रसार
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बाड़ीटोला औद्योगिक क्षेत्र का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के उद्योगपतियों को क्षेत्र का भ्रमण कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं से उद्यमियों को प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना है।
बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के लैंड बैंक, शासकीय भूमि के लिए आरसीएमएस पोर्टल पर किए गए आवेदनों तथा एमपीआईडीसी द्वारा ग्राम बरिगवा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र और लैंड बैंक के लिए चिह्नित भूमि की जानकारी भी दी गई।
नवंबर में सीधी में हो सकता है लघु इन्वेस्टर समिट
बैठक में मध्यप्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर समिट की तर्ज पर नवंबर 2026 में सीधी में लघु स्तर पर इन्वेस्टर समिट आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके माध्यम से जिले की औद्योगिक संभावनाओं, निवेश के अवसरों, औद्योगिक क्षेत्रों, अधोसंरचना तथा शासन की विभिन्न सुविधाओं एवं प्रोत्साहनों की जानकारी संभावित निवेशकों और उद्यमियों को दी जाएगी।
नए उद्योग स्थापित करने और जिले में निवेश के लिए संभावित निवेशकों को आमंत्रित करने पर भी चर्चा हुई।
आईटीआई और कॉलेज विद्यार्थियों को मिलेगा उद्यमिता का मार्गदर्शन
बैठक में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सीधी एवं मझौली तथा संजय गांधी महाविद्यालय सीधी में स्थानीय सफल उद्यमियों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन कार्यक्रमों में उद्यमी उद्योग स्थापना के अपने अनुभव साझा करेंगे तथा विद्यार्थियों को आवश्यक कौशल, उद्योग स्थापना की प्रक्रिया, शासकीय योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देंगे।
खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों पर जोर
जिले में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई।
तैयार होगा औद्योगिक एवं व्यवसायिक संभावनाओं का कैटलॉग
बैठक में जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों एवं कच्चे माल के आधार पर संभावित उद्योगों की जानकारी को शामिल करते हुए औद्योगिक एवं व्यवसायिक संभावनाओं का कैटलॉग तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसमें एमएसएमई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों की प्रमुख योजनाओं, अनुदान और प्रोत्साहनों की जानकारी भी शामिल की जाएगी।
कैटलॉग का उपयोग संभावित उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने में किया जाएगा।
बैठक में महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अभिलाष मेरावी, अग्रणी जिला प्रबंधक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया चौधरी, चीफ मैनेजर अमित कुमार, उपसंचालक उद्यानिकी विभाग बघेल, प्राचार्य आईटीआई सीधी अलका शुक्ला, डीपीएम एनआरएलएम पुष्पेन्द्र सिंह, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती सीधी नितेश गुप्ता सहित बैंक अधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं जिले के उद्योगपति उपस्थित रहे।
