रीवा। नगर पालिक निगम रीवा द्वारा शहर में जर्जर एवं भयप्रद भवनों को चिन्हित कर जनसुरक्षा की दृष्टि से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निगम आयुक्त अक्षत जैन के निर्देश पर जोन क्रमांक-02 अंतर्गत वार्ड क्रमांक-20 में सफाई होटल के पीछे स्थित अतिजर्जर एवं भयप्रद भवन को नियमानुसार ध्वस्त कराया गया।
नगर निगम के अनुसार यह भवन राजेश पुरवार, पिता लालमणि पुरवार का था। निगम की तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान भवन अत्यंत जर्जर एवं भयप्रद स्थिति में पाया गया था। भवन मानव आवास के लिए अनुपयुक्त होने के साथ ही इसके गिरने की स्थिति में आसपास के नागरिकों के लिए खतरा उत्पन्न होने की आशंका थी।
- जनसुरक्षा को देखते हुए वार्ड क्रमांक-20 में कार्रवाई; निगम की तकनीकी टीम ने भवन को बताया था अत्यंत जर्जर
धारा 310 के तहत की गई कार्रवाई
जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 310 के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई। नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त व्यवस्था के बीच जर्जर भवन को सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई पूरी की गई।
निगम की टीम और पुलिस प्रशासन रहा मौजूद
कार्रवाई के दौरान सहायक यंत्री रमेश सिंह, उपयंत्री पूर्वी अग्रवाल, नरेन्द्र जोगी, निखिल रजक, अतिक्रमण प्रभारी राजेश चतुर्वेदी, सुखेन्द्र चतुर्वेदी सहित अतिक्रमण दल एवं पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।
शहर में जर्जर भवनों का सर्वे जारी
नगर निगम की टीम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर एवं भयप्रद भवनों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ऐसे भवनों को चिन्हित कर भवन स्वामियों को सूचना एवं आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। निगम द्वारा स्थिति के अनुसार नियमानुसार ध्वस्तीकरण सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जर्जर एवं भयप्रद भवनों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा ऐसे भवनों में निवास अथवा व्यवसाय संचालित करने से बचें। संभावित खतरे को देखते हुए नागरिक ऐसे भवनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और किसी भी जर्जर अथवा खतरनाक भवन की जानकारी तत्काल नगर निगम को दें।
