रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को शासकीय शिक्षा महाविद्यालय की संस्थान विकास समिति की बैठक में महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना, प्रशिक्षण एवं संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने सचिव एवं प्राचार्य को निर्देश दिए कि आगामी शैक्षणिक सत्र में बीएड एवं एमएड पाठ्यक्रम की निर्धारित सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
कमिश्नर ने वर्तमान में निर्धारित सीटों की तुलना में प्रवेश संख्या कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बीएड एवं एमएड पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आगामी सत्र में सभी निर्धारित सीटें भरी जा सकें।
- संस्थान विकास समिति की बैठक में कमिश्नर के निर्देश; प्रायोगिक विषयों के लिए अत्याधुनिक लैब, प्राचार्यों के तीन दिवसीय प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रशिक्षण को मंजूरी
फिजिक्स, केमिस्ट्री और जूलॉजी की विकसित होंगी लैब
कमिश्नर ने विज्ञान विषय के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी शिक्षकों को पाठ्यक्रम आधारित प्रायोगिक कार्य का प्रशिक्षण देने के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं जूलॉजी की उन्नत एवं सर्व सुविधा युक्त लैब विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लैब तैयार होने के बाद विज्ञान शिक्षकों को इन प्रयोगशालाओं में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने शिक्षा महाविद्यालय के लिए आवश्यक विज्ञान सामग्री एवं उपकरणों की खरीदी 10 अक्टूबर से पहले पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
प्राचार्यों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को मंजूरी
बैठक में विद्यालयीन प्राचार्यों के लिए तीन दिवसीय प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रशिक्षण आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा शिक्षकों की बीएड एवं एमएड कक्षाओं और प्रशिक्षण के दौरान मोटिवेशन क्लास आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
प्रसाधन कक्ष एवं अन्य भवनों की मरम्मत के निर्देश
कमिश्नर ने महाविद्यालय के नवनिर्मित हॉल के पीछे बनाए गए महिला एवं पुरुष प्रसाधन कक्षों के क्षतिग्रस्त फर्श की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। अन्य कक्षों एवं फर्श की मरम्मत का कार्य भी अक्टूबर माह तक पूरा करने को कहा गया। नवीन सभागार में आवाज की इको समस्या के समाधान के लिए वॉल पैनलिंग, फॉल्स सीलिंग एवं स्पीकर लगाने का कार्य दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री को दिए गए। नवीन महिला एवं पुरुष प्रसाधन कक्षों के निर्माण का प्रस्ताव फरवरी में पारित होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं होने पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को 15 दिवस में प्रसाधन कक्ष निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर की भी होगी मरम्मत
बैठक में महिला छात्रावास की बाउंड्रीवॉल एवं गेट तथा छात्रावास के समीप बने स्टाफ क्वार्टर की मरम्मत शुरू करने की स्वीकृति दी गई। बारिश के दौरान पुराने भवन की छत से पानी टपकने के कारण अभिलेख एवं अन्य सामग्री खराब होने की समस्या को देखते हुए छत की मरम्मत एवं फॉल्स सीलिंग लगाने के लिए उचित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने सचिव एवं प्राचार्य को महाविद्यालय के सभी मरम्मत कार्यों का एक समेकित एस्टीमेट तैयार करने तथा एस्टीमेट के अनुसार सभी कार्य दिसंबर माह तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
शिक्षक और विद्यार्थी से बनती है संस्थान की पहचान
कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान उसके शिक्षकों और विद्यार्थियों से होती है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक एवं विद्यार्थी सक्षम होंगे तो महाविद्यालय की पहचान व्यापक स्तर पर बनेगी। उन्होंने बीएड विद्यार्थियों को इस प्रकार प्रशिक्षित करने पर जोर दिया कि वे विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से अध्यापन करा सकें।
शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में सचिव एवं प्राचार्य संस्थान विकास समिति ने शैक्षणिक भ्रमण, आकस्मिक व्यय, फर्नीचर एवं विद्युत मरम्मत, वॉलीबॉल मैदान निर्माण, खेल सामग्री की खरीदी तथा बीएड एवं एमएड विद्यार्थियों को दी जाने वाली लेखन सामग्री, पाठ योजना, समालोचना पाठ, अवलोकन एवं शैक्षणिक कार्य पुस्तिका सहित कार्यालयीन स्टेशनरी की अनुमानित लागत की जानकारी दी।
बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, प्राचार्य उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-1 आरके जैन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-3 आरएल दीपंकर, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-2 सुदामा लाल गुप्ता, शिक्षक राजेश सिंह परिहार सहित अन्य प्राचार्य, लोक निर्माण विभाग एवं पीआईयू के अधिकारी उपस्थित रहे।
