रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को कमिश्नर सभाकक्ष में परिवहन एवं खनिज विभाग के राजस्व लक्ष्य और वसूली की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला परिवहन अधिकारियों एवं जिला खनिज अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने तथा वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि वे कार्यालयीन कार्य के साथ-साथ फील्ड में सतत सक्रिय रहकर राजस्व वसूली के लंबित प्रकरणों का निराकरण करें।
ओवरलोड और बिना परमिट बसों पर कार्रवाई के निर्देश
कमिश्नर ने सभी परिवहन अधिकारियों को संभाग के जिलों में संचालित यात्री बसों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरलोड, बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना किराया सूची तथा बिना अग्निशमन यंत्र के संचालित होने वाली बसों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा में बताया गया कि रीवा जिले में बिना परमिट, ओवरलोड, बिना फिटनेस, बिना किराया सूची और बिना अग्निशमन यंत्र के संचालित 163 यात्री बसों पर चालानी कार्रवाई की गई है। इनसे शासन के पक्ष में 5 लाख 18 हजार 500 रुपये की राजस्व वसूली हुई। इसी प्रकार सीधी जिले में 68 चालानी कार्रवाई से 3 लाख रुपये, सतना में 61 कार्रवाई से 2 लाख 30 हजार रुपये तथा सिंगरौली में 65 कार्रवाई से 2 लाख 59 हजार रुपये जुर्माने की वसूली की गई।
पुराने बकाया मामलों में वसूली तेज करने के निर्देश
कमिश्नर ने 1 अप्रैल 2026 से 31 अगस्त 2026 तक राजस्व वसूली के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुराने वसूली प्रकरणों में भी तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अप्रैल से सितंबर तक अवैध वाहन संचालन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए राइट ऑफ होने वाले वाहनों में भी राजस्व वसूली की प्रक्रिया तेज करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में वसूली के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये की राशि शेष है। कमिश्नर ने जिला परिवहन अधिकारियों को पुराने बकाया प्रकरणों में शेष वाहनों की संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अवैध वाहन संचालन और प्रदूषण पर भी कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि हाई स्पीड, बिना लाइसेंस तथा प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के विरुद्ध भी जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नर ने ऐसी कार्रवाई को प्रभावी एवं नियमित बनाए रखने के निर्देश दिए।
अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती के निर्देश
खनिज विभाग के राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने सभी जिला खनिज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में सक्रिय उड़नदस्ता दल के साथ फील्ड में नियमित रूप से मौजूद रहें और अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने सभी सीमेंट फैक्ट्रियों में लेटराइट की मात्रा की जांच के लिए अनिवार्य रूप से सैंपल लेने तथा उनकी लैब में जांच कराने के निर्देश दिए।
कोयले के ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई
सीधी एवं सिंगरौली जिलों में कोयले से भरे ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में खनिज रॉयल्टी की चोरी नहीं होनी चाहिए।
कमिश्नर ने इस वर्ष स्वीकृत नवीन खदानों की जानकारी लेने के साथ खदानों में किए गए स्टॉक सत्यापन की भी समीक्षा की।
स्टॉक सत्यापन से 6.41 करोड़ की राजस्व वसूली
समीक्षा में बताया गया कि खदान स्टॉक सत्यापन की संख्या रीवा में 15, मऊगंज में 5, सतना में 22, मैहर में 7, सीधी में 28 और सिंगरौली में 32 रही। इन कार्रवाइयों से कुल 6 करोड़ 41 लाख रुपये के राजस्व की वसूली की गई है।
बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित संभाग के सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारी एवं जिला खनिज अधिकारी उपस्थित रहे।
