Monsoon active again in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। ट्रफ और डिप्रेशन के असर से पूर्वी हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 24 घंटों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है।
इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल समेत कई अन्य जिलों में भी हल्की से तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 18 से 24 अगस्त के बीच बारिश का यह दौर मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर भी शिफ्ट होगा।
बाढ़ जैसे हालात और जनजीवन प्रभावित
सतना: भारी बारिश के चलते चित्रकूट की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी नदी उफान पर आ गई और पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा कारणों से दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, सिविल लाइन क्षेत्र में एक 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया, जिसकी तलाश के लिए SDERF की टीम जुटी हुई है।
डिंडौरी और पन्ना: डिंडौरी में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना और सिमरिया क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव से लोगों के घरों में रखा खाने-पीने का सामान भी भीग गया है।
उमरिया: जोहिला डैम (संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र) के तीन गेट 4 मीटर तक खोलकर लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
बारिश के आंकड़े: अब तक 23 इंच बरसात, फिर भी 12% की कमी
1 जून से अब तक प्रदेश में कुल 583.4 मिमी (करीब 23 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 663.7 मिमी (26.1 इंच) होना चाहिए था। इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में यह कमी 14% और पश्चिमी हिस्से में 10% है।
वर्तमान में 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अनूपपुर, सतना, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और खंडवा सहित कुछ अन्य जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिरा है। जून में कम बारिश के बाद जुलाई में कोटा कुछ हद तक पूरा हुआ था, लेकिन अगस्त के इस नए स्ट्रॉन्ग सिस्टम से अब बारिश के आंकड़ों में सुधार देखने को मिल रहा है।
प्रमुख संभागों और जिलों की स्थिति (विशेष विवरण)
सागर संभाग (अति भारी बारिश का क्षेत्र): टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में मानसून का सबसे आक्रामक रूप देखने को मिल रहा है। यहाँ अगले 24 घंटों में 8 इंच तक बारिश होने से निचले इलाकों और नदियों के आसपास हाई अलर्ट जारी किया गया है।
विंध्य और महाकौशल (सतना, रीवा, डिंडौरी): सतना में चित्रकूट की गुप्त गोदावरी उफान पर है और डिंडौरी में नदी-नाले उफनाने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। यहाँ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
भोपाल और आसपास के जिले: राजधानी भोपाल में इस बार अगस्त महीने के पुराने रिकॉर्ड्स (जैसे 2006 की ऐतिहासिक बारिश) की यादें ताजा होती दिख रही हैं। यहाँ पिछले हफ्तों में भी भारी दौर देखने को मिला है और अब नए सिस्टम से रुक-रुक कर बौछारें जारी हैं।
मालवा-निमाड़ (इंदौर, उज्जैन): इंदौर और उज्जैन संभाग में भी अगस्त महीने की औसत बारिश का कोटा पूरा करने के लिए नए पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ का असर तेजी से सक्रिय हो रहा है।
ध्यान दें: मौसम विभाग के नए अपडेट्स के अनुसार, 20 से 24 अगस्त के दौरान यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश (जैसे उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम संभाग) की तरफ शिफ्ट हो रहा है, जिससे उन इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां और तेज होने की पूरी संभावना है।
