American President Donald Trump के आधिकारिक विमान Air Force One में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी सामने आई, जिसके चलते विमान को एहतियातन बीच रास्ते से ही वापस वॉशिंगटन लौटना पड़ा। ट्रम्प स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले World Economic Forum (WEF) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने जा रहे थे। हालांकि, बाद में वे एक दूसरे विमान से सुरक्षित रूप से दावोस के लिए रवाना हो गए।
टेकऑफ के कुछ देर बाद सामने आई समस्या
व्हाइट हाउस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एयरफोर्स-1 ने जैसे ही वॉशिंगटन से उड़ान भरी, उसके कुछ ही समय बाद विमान के क्रू मेंबर्स को एक तकनीकी गड़बड़ी का पता चला। यह समस्या विमान की इलेक्ट्रिकल प्रणाली से जुड़ी थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट और क्रू ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और विमान को वापस वॉशिंगटन लाने का निर्णय लिया गया।

व्हाइट हाउस ने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह से एहतियातन लिया गया और इसमें किसी तरह का बड़ा खतरा नहीं था, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होने के कारण कोई जोखिम नहीं उठाया गया।
व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी Caroline Leavitt ने मीडिया को बताया कि टेकऑफ के बाद क्रू को विमान में एक “मामूली इलेक्ट्रिकल खराबी” का संकेत मिला था। उन्होंने कहा,
“हालांकि समस्या गंभीर नहीं थी, लेकिन प्रोटोकॉल के तहत विमान को वापस लौटाने का फैसला किया गया। राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एयरफोर्स-1 जैसे अत्याधुनिक विमान में सुरक्षा मानकों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाता और छोटी सी तकनीकी समस्या की स्थिति में भी सतर्कता बरती जाती है।
दूसरे विमान से दावोस के लिए रवाना
एयरफोर्स-1 के लौटने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प को दूसरे विमान से रवाना किया गया। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रम्प अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही Davos, Switzerland पहुंचेंगे और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस घटना के बावजूद ट्रम्प के कार्यक्रम में किसी बड़े बदलाव की सूचना नहीं है। वे दावोस में वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं को संबोधित करेंगे।
एयरफोर्स-1 की सुरक्षा और विश्वसनीयता
एयरफोर्स-1 को दुनिया के सबसे सुरक्षित और आधुनिक विमानों में गिना जाता है। इसमें अत्याधुनिक संचार प्रणाली, रक्षा उपकरण और बैकअप सिस्टम लगे होते हैं। इसके बावजूद, तकनीकी जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किसी भी असामान्यता को हल्के में नहीं लिया जाता।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि राष्ट्रपति के विमान में सुरक्षा मानक कितने कड़े होते हैं और किस तरह छोटी सी तकनीकी खराबी पर भी तत्काल कार्रवाई की जाती है।
दावोस समिट पर टिकी निगाहें
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है। इस मंच पर जलवायु परिवर्तन, वैश्विक मंदी, तकनीकी विकास और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। राष्ट्रपति ट्रम्प की मौजूदगी को लेकर पहले से ही काफी चर्चा है, और इस घटना के बाद भी उनकी भागीदारी को लेकर कोई संशय नहीं है।
एयरफोर्स-1 में आई तकनीकी खराबी ने कुछ समय के लिए हलचल जरूर मचाई, लेकिन त्वरित और सतर्क निर्णय से स्थिति को संभाल लिया गया। राष्ट्रपति ट्रम्प सुरक्षित हैं और अपने अंतरराष्ट्रीय दौरे पर आगे बढ़ चुके हैं। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि विश्व के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जाती है।
