उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। शहर के किदवई नगर इलाके में मंगलवार रात एक घर में लगी भीषण आग ने हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में पांच मासूम बच्चों और एक महिला समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई। आग इतनी भयावह थी कि घर के भीतर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। फिलहाल एक महिला गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
शॉर्ट सर्किट बना काल: कपड़ों के ढेर ने पकड़ी रफ्तार
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना किदवई नगर स्थित सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर तीन की है। यहाँ इकबाल अहमद का परिवार रहता था। रात करीब आठ बजे जब परिवार घर के भीतर था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चूंकि घर में सिलाई और कपड़ों का कारोबार होता था, इसलिए वहां भारी मात्रा में तैयार और कच्चे कपड़े रखे हुए थे।
कपड़ों के ढेर ने आग को ईंधन का काम दिया और देखते ही देखते चंद मिनटों में आग की लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के गुबार और आग की तपिश के कारण घर में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पाए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: जब तक आग बुझी, सब खत्म हो चुका था
पुलिस अधीक्षक (मेरठ) अविनाश पांडे ने बताया कि अग्निशमन विभाग को रात 8:49 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और झुलसे हुए सात लोगों को घर से बाहर निकालकर तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल पहुँचने के बाद डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक बुजुर्ग महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
मृतकों की पहचान: 4 महीने की दो मासूमों ने भी तोड़ा दम
इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मृतकों में बच्चों की संख्या और उनकी उम्र जानकर हर किसी की आंखें नम हैं।
01. रूकसार (25 वर्ष)
02. महबिश (12 वर्ष)
03. हम्माद (4 वर्ष)
04. अकदस (4 वर्ष)
05. नाबिया (मात्र 4 माह)
06. इनायत (मात्र 4 माह)
हादसे में घायल अमीर बानो (55 वर्ष) का इलाज चल रहा है, जिनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रिहायशी इलाके में इस तरह भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री (कपड़े) रखना सुरक्षा मानकों के खिलाफ था। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
किदवई नगर की तंग गलियों में चीख-पुकार मची हुई है। पड़ोसियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। सूचना मिलने के घंटों बाद तक लोग मलबे और राख के बीच अपनों की निशानियां ढूंढते नजर आए। उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
