उत्तर प्रदेश के Prayagraj में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब Indian Army का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश होकर तालाब में गिर गया। यह हादसा शहर के बीचों-बीच केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जहां आसपास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां स्थित हैं। गनीमत रही कि विमान आबादी पर नहीं गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हवा में डगमगाया और फिर तालाब में गिरा विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे अचानक आसमान में उड़ रहा सेना का एयरक्राफ्ट असंतुलित होने लगा। कुछ ही सेकंड में वह डगमगाया और फिर तेज आवाज के साथ नीचे की ओर गिर गया। लोगों ने बताया कि विमान के गिरते ही एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जगह माघ मेले से करीब 3 किलोमीटर दूर बताई जा रही है। जिस तालाब में विमान गिरा, वहां चारों ओर जलकुंभी और दलदल फैला हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतें सामने आईं।
पैराशूट से कूदे जवान, स्थानीय लोगों ने बचाया
हादसे से पहले एक अहम और राहत भरी बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से पहले **3 जवान पैराशूट के जरिए विमान से कूद गए**। वे सीधे तालाब में गिरे और दलदल में फंस गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तालाब में उतरकर उन्हें बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाहर निकाले गए तीनों लोग सेना की वर्दी में थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के बाद प्राथमिक मदद दी गई। फिलहाल तीनों की हालत को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
स्कूल के पास हुआ हादसा, बच्चों में दहशत
जिस जगह यह हादसा हुआ, उसके पास ही एक स्कूल भी स्थित है। प्रत्यक्षदर्शी शिक्षकों और छात्रों ने बताया कि स्कूल में बच्चे प्रैक्टिकल परीक्षा दे रहे थे। तभी अचानक आसमान में तेज लाल रंग का विमान दिखाई दिया। कुछ ही पलों बाद दो मिनट के अंदर पैराशूट खुलते दिखे और फिर विमान तालाब में जा गिरा।
इस घटना से स्कूल परिसर में दहशत फैल गई। बच्चों को सुरक्षित कक्षाओं से बाहर निकाला गया और स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
सेना का हेलिकॉप्टर और रेस्क्यू टीम मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही कुछ ही देर में सेना का हेलिकॉप्टर भी मौके पर पहुंच गया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर तैनात कर दी गईं। हालांकि, तालाब में घनी जलकुंभी होने के कारण एयरक्राफ्ट तक पहुंचने में टीमों को काफी परेशानी हो रही है।
अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एयरक्राफ्ट में कुल कितने लोग सवार थे। सेना और प्रशासन की ओर से इसकी जांच की जा रही है।
जांच के आदेश, तकनीकी खराबी की आशंका
फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। सेना की ओर से जांच के आदेश दिए जा सकते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विमान हादसे का शिकार कैसे हुआ।
प्रयागराज में हुआ यह हादसा गंभीर जरूर था, लेकिन समय रहते जवानों द्वारा पैराशूट से कूदने और स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया। आबादी वाले इलाके में हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनिंग उड़ानों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें सेना की आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हादसे की असली वजह सामने लाएगी।
