महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल राजनीतिक जगत को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि इसके बाद शुरू हुई सियासत ने भी माहौल को गर्मा दिया है। विपक्षी दलों ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है, वहीं भाजपा और सत्ताधारी नेताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की है।
हादसे के बाद शोक के बीच शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी

विपक्ष की मांग: उच्च स्तरीय जांच जरूरी
विमान दुर्घटना के बाद कई विपक्षी नेताओं ने घटना को संदिग्ध बताते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे पहले इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उच्च स्तरीय जांच की जरूरत बताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं के पीछे के कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी जांच की मांग की। विपक्ष का कहना है कि इस हादसे से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, जिनका जवाब जांच से ही मिल सकता है।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी कहा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने इसे भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया।

भाजपा का जवाब: राजनीति से बचने की अपील
विपक्ष के आरोपों और बयानों पर भाजपा ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और देश के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इस संवेदनशील समय में अधिक टिप्पणी से बचना चाहिए।
भाजपा का मानना है कि शोक की इस घड़ी में राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करना अनुचित है। पार्टी नेताओं ने सभी दलों से संयम बरतने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की अपील की है।
फडणवीस का तीखा बयान: ‘निचले स्तर की राजनीति’
ममता बनर्जी के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। फडणवीस ने कहा कि वरिष्ठ नेता शरद पवार भी इसे हादसा मान चुके हैं और राजनीति न करने की अपील कर चुके हैं।
उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने दुखद समय में ऐसे बयान देना गलत है और यह राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है।

शिंदे और शिवसेना की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अजित पवार को एक समर्पित और कर्मठ नेता बताया।
वहीं शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि जांच होनी चाहिए, लेकिन इसे षड्यंत्र का रूप देना गलत है। उन्होंने इसे नीची राजनीति करार दिया और कहा कि पूरा प्रदेश अजित पवार को श्रद्धांजलि दे रहा है।
अजित पवार का निधन महाराष्ट्र और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। ऐसे समय में राजनीतिक दलों से जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है। जहां एक ओर निष्पक्ष जांच जरूरी है, वहीं दूसरी ओर शोक की घड़ी में संयम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आपदा और दुख की घड़ी में भी राजनीति हावी हो जाती है। अब जरूरत है कि सभी दल मिलकर सच्चाई सामने लाएं, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।
