महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। बारामती में हुए इस दर्दनाक हादसे ने देश को झकझोर कर रख दिया है। आज उनके अंतिम संस्कार के दौरान परिवार, मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और हजारों समर्थकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस बीच राहत और जांच एजेंसियों ने हादसे से जुड़े लियरजेट-45 विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया है, जिससे दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
बारामती हादसे के बाद गमगीन माहौल, परिवार और मंत्रियों ने दी अंतिम श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार स्थल पर अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते परिजन और नेता
अंतिम संस्कार में भावुक हुआ माहौल
अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। श्मशान घाट पर जैसे ही उनकी पार्थिव देह पहुंची, वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
समर्थकों ने “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाते हुए अपने प्रिय नेता को विदाई दी। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल देखने को मिला।
हादसे की जांच में अहम कड़ी: ब्लैक बॉक्स बरामद
बारामती में हुए इस भीषण विमान हादसे की जांच में बड़ी सफलता मिली है। दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट-45 विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स से विमान की तकनीकी स्थिति, पायलट की बातचीत और उड़ान से जुड़ी अहम जानकारियां मिलेंगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और जांच एजेंसियां अब ब्लैक बॉक्स के डेटा का विश्लेषण करेंगी। इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसा तकनीकी खराबी, मौसम की वजह से हुआ या किसी अन्य कारण से।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है, जो दुर्घटना की सच्चाई सामने लाने में मदद करता है।
अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार के परिवार का दर्द साफ नजर आया। परिजनों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वे एक सच्चे जननेता और परिवार के मजबूत स्तंभ थे।
परिवार के एक सदस्य ने कहा,
“अजित दादा सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए प्रेरणा थे। उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।”
समर्थकों ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं के माध्यम से अपनी संवेदना व्यक्त की। कई जगहों पर कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।
अजित पवार के निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक व्याप्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संदेश जारी किए।
नेताओं ने उन्हें एक कुशल प्रशासक, जनप्रिय नेता और विकास पुरुष बताया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार का योगदान महाराष्ट्र के विकास में हमेशा याद रखा जाएगा।
विधानसभा और संसद में भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, जहां सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा।
अजित पवार का असमय निधन महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी राजनीतिक यात्रा, जनसेवा और नेतृत्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा। अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि वे जनता के दिलों में कितनी गहरी जगह रखते थे।
अब सभी की निगाहें हादसे की जांच पर टिकी हैं। ब्लैक बॉक्स से मिलने वाली जानकारी से उम्मीद की जा रही है कि दुर्घटना के कारणों का खुलासा होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
देश आज एक लोकप्रिय नेता को खो चुका है, लेकिन उनकी विरासत और योगदान हमेशा जीवित रहेंगे।
