खेती में विविधीकरण लाने की करें कोशिश, किसानों की मांग के अनुसार खाद की करें आपूर्ति

सांभागायुक्त ने की कृषि आदानों की समीक्षा
 | 
Rewa Divisional commissioner reviews agricultural inputs

रीवा. संभागायुक्त अनिल सुचारी ने कमिश्नर कार्यालय में बैठक कर कृषि आदानों की समीक्षा की।  कमिश्नर ने कहा कि सभी जिलों में मार्कफेड के गोदामों एवं सहकारी समितियों के पास पर्याप्त मात्रा में यूरिया तथा डीएपी का भण्डारण कराएं। किसानों की मांग के अनुरूप खाद के आपूर्ति की व्यवस्था करें।  धान की फसल में टाप ड्रेसिंग के लिए आवश्यक यूरिया एवं रबी की बोनी के लिए जरूरी डीएपी खाद की शीघ्र आपूर्ति कराएं। इस संबंध में कोई कठिनाई होने पर तत्काल सूचना दें। रीवा तथा सिंगरौली जिले में एक सप्ताह में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति करें। कोयला परिवहन के कारण सिंगरौली के बरगवां में खाद का रैक प्वाइंट बंद है। सिंगरौली को रीवा में रैक लगाकर खाद की आपूर्ति कराएं। 

सतना जिले में पर्याप्त खाद भण्डारित
कमिश्नर ने कहा कि सतना जिले में पर्याप्त खाद भण्डारित है। रीवा जिले में 30 हजार 521 टन, सतना में 49263 टन, सीधी में 10066 टन तथा सिंगरौली जिले में 15483 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद और बीज के नियमित रूप से नमूने लेकर उनकी जांच कराएं। नमूने अमानक पाए जाने पर दुकानदार का लाइसेंस निरस्त करने के साथ संबंधित कंपनी के विरुद्ध भी कार्यवाही करें। रीवा तथा सीधी में अभी कम संख्या में नमूने लिए गए हैं। 

विविधीकरण पर जोर
कमिश्नर कृषि के विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि लगातार इसके लिए प्रयास करें। संभाग के करीब सभी जिलों में धान का क्षेत्रफल घटा है। उसकी तुलना में दलहन तथा मोटे अनाजों का रकबा बढ़ा है। रबी फसल में भी गेंहू का क्षेत्रफल घटाने तथा चना, मसूर, अलसी एवं सरसों का क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास करें। इन फसलों के उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध कराएं। संभाग में कुल एक हजार 54 हेक्टेयर में रबी की फसल बोनी का लक्ष्य रखा गया है। इसके कम से कम 15 प्रतिशत में गेंहू के अलावा अन्य फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें।