रीवा। कहते हैं कि अगर इरादों में जान हो और मेहनत में अनुशासन, तो भूगोल कभी सफलता की राह में बाधा नहीं बनता। विंध्य की धरा, रीवा की बेटी डॉ. प्रतिभा सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है। हाल ही में हैदराबाद में आयोजित ‘नरेश सूर्या क्लासिक – नेचुरल बॉडीबिल्डिंग फिजीक प्रतियोगिता’ में डॉ. प्रतिभा ने अपनी फिटनेस और आत्मविश्वास का लोहा मनवाते हुए दोहरे सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया है।इस जीत के साथ उन्होंने न केवल रीवा का मान बढ़ाया, बल्कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।

दो श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन
हैदराबाद में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर से दिग्गज फिटनेस एथलीट्स ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच डॉ. प्रतिभा सिंह ने Women’s Bikini Physique एवं Women’s Sports मॉडल के दो अलग-अलग श्रेणियों में अपनी दावेदारी पेश की। दोनों ही श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और मस्कुलर सिमिट्री को देखते हुए निर्णायकों ने उन्हें सिल्वर मेडल से नवाजा। मंच पर डॉ. प्रतिभा की फिटनेस और गरिमापूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
14 वर्षों की तपस्या और अनुशासन
डॉ. प्रतिभा की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि फिटनेस उनके लिए केवल एक शौक नहीं, बल्कि पिछले 14 वर्षों की जीवनशैली है। एक डॉक्टर होने के नाते, उन्होंने हमेशा स्वास्थ्य और शारीरिक बनावट के बीच के संतुलन को समझा है।
उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य सिर्फ मंच पर पदक जीतना नहीं है। मैं चाहती हूँ कि सोशल मीडिया और अपने कार्यों के माध्यम से लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक कर सकूँ। अगर मेरी मेहनत किसी एक व्यक्ति को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है, तो मैं उसे अपनी सबसे बड़ी जीत मानूँगी।”
छोटे शहर की बड़ी उड़ान
अक्सर यह माना जाता है कि बॉडीबिल्डिंग या फिजीक कॉम्पिटिशन जैसे खेलों के लिए महानगरों की सुविधाएं और महंगे जिम अनिवार्य हैं। लेकिन डॉ. प्रतिभा ने इन धारणाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी को कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प से भरा जा सकता है। रीवा जैसे शहर से निकलकर हैदराबाद के मंच पर चमकना यह दर्शाता है कि “विंध्य की प्रतिभा” अब सीमाओं में कैद नहीं है।

महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
डॉ. प्रतिभा सिंह की यह जीत विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अक्सर शादी, करियर या सामाजिक बंधनों के कारण अपने स्वास्थ्य और सपनों को पीछे छोड़ देती हैं। एक प्रोफेशनल डॉक्टर और एथलीट के रूप में उन्होंने सामंजस्य बिठाकर यह संदेश दिया है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाने में सक्षम हैं।
सपनों की कोई सीमा नहीं होती
डॉ. प्रतिभा सिंह की यह उपलब्धि मध्य प्रदेश के खेल जगत के लिए एक मील का पत्थर है। नेचुरल बॉडीबिल्डिंग को बढ़ावा देकर उन्होंने युवाओं को सप्लीमेंट्स के बजाय मेहनत और सही डाइट पर भरोसा करना सिखाया है। उनकी इस सफलता पर रीवा के खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
