सागर। बंडा व शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौतों के मामले में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। अफसरों पर कार्रवाई भी जारी है। सोमवार शाम कलेक्टर ने बंडा एसडीएम आरती यादव को हटा दिया। उनकी जगह संजय कुमार जैन को जिम्मा सौंपा है। रात में गृह विभाग ने बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मिकी को हटाकर डीएसपी के रूप में पीएचक्यू भेज दिया। पीएचक्यू में का एसडीओपी बनाया गया है।
सोमवार को 10 और मौतों के साथ हताहत लोगों की कुल संख्या 29 पर पहुंच गई है। इसे प्रदेश में जहरीली शराब से सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने कुल 13 मौतें ही स्वीकारी हैं। पोस्टमार्टम करने वाले और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मृतकों का जब पोस्टमार्टम हुआ, तो शराब के साथ खाए गए चखना व खाना में बदबू, अंदरूनी अंग में रेडनेस बताई मिली। यह लक्षण पॉइजन के होते हैं।

- सागर : प्रशासन ने स्वीकारीं 13 मौतें, सोमवार को सामने आए 10 नाम
- जहरीली शराब कांड की होगी मजिस्ट्रियल जांच, बंडा SDM-SDOP को हटाया
अब विशेष अभियान
आबकारी विभाग अब प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान शुरू करेगा। हर जिले में संभावित स्थलों, संवेदनशील मार्गों, संलिप्त लोगों की सूची बनाकर निगरानी रखी जाएगी।
देवड़ा बोले- प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है, अफसरों को नोटिस जारी किए
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सोमवार को कॉलेज अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों को निर्देश दिए कि प्रभावितों के इलाज में कोताही न बरती जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे छोटा अधिकारी हो या बड़ा, जांच के दायरे में आने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। आबकारी विभाग ने भी किसी भी ब्रांड को क्लीनचिट नहीं दी है। संबंधित अफसरों को आरोप-पत्र जारी किए गए हैं।

जांच के छह बिंदु तय
1. घटना किन परिस्थितियों में हुई। कारण, दोषी व्यक्तियों की जानकारी?
2. क्या मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक/अवैध शराब का सेवन ही था?
3. अवैध शराब का निर्माण, स्टॉक, वितरण किस स्तर पर, किसके द्वारा?
4. क्या नियामकीय विभाग द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई?
5. घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति उत्तरदायी है?
6. भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने कदम उठाए जाने के सुझाव।
7 सितंबर को हुई मौतें
1. श्याम बाई (69) 2. कृष्ण कुमार लोधी (33) 3. कैलाश अहिरवार (40) 4. भगवान सिंह लोधी (35) 5. देशकुमार उर्फ भूरे 6. भोपाली (45) 7. रामसिंह लोधी (40) 8. शंकर आदिवासी 9. महेश रावत (55) और 10. नीलेश लोधी।
