केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की निगाहें आर्थिक सर्वेक्षण और सरकार की आगामी नीतियों पर टिकी हुई हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि बजट पर देश का ध्यान होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार की पहचान केवल बजट तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते वर्षों में सरकार ने ‘Reform, Perform और Transform’ की नीति के जरिए भारत को विकास की नई दिशा दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधार, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक परिवर्तन ही मौजूदा सरकार की असली पहचान बन चुके हैं।
बजट 2026: देश की आर्थिक दिशा का निर्धारण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय बजट किसी भी देश की आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास रणनीति का आधार होता है। इसके माध्यम से यह तय किया जाता है कि आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बजट 2026 भी भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। इसमें गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जाएंगी। साथ ही, बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने पर भी जोर रहेगा।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करेगा।
रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’: सरकार की विकास नीति
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की असली पहचान ‘Reform, Perform और Transform’ की नीति है।
बीते वर्षों में कर व्यवस्था, बैंकिंग, श्रम कानून और कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार किए गए हैं। जीएसटी, दिवाला संहिता और डिजिटल भुगतान जैसे कदम इसका उदाहरण हैं।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। जनधन योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बदला है।
डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहल ने देश को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन तीनों स्तंभों ने मिलकर भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाया है।
भारत-ईयू एफटीए: आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस समझौते से:
* भारतीय उद्योगों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे
* युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
* निर्यात को बढ़ावा मिलेगा
* तकनीक और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत हिस्सा बन रहा है।
युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं और उद्यमियों को मिल रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया है।
उन्होंने बताया कि आने वाले बजट में शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि युवा शक्ति को देश के विकास से जोड़ा जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन साफ संकेत देता है कि सरकार बजट 2026 को केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास की नई रूपरेखा के रूप में देख रही है। ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की नीति के जरिए भारत को आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और समृद्ध बनाने का प्रयास जारी है।
आर्थिक सर्वे और आगामी बजट से देश को नई उम्मीदें हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार अपने वादों को किस तरह नीतियों और योजनाओं में बदलकर जमीन पर उतारती है।
