Current Date
National

चुनाव आयोग में 10 माह में 14 बार उठे विरोध के स्वर; दो निर्वाचन आयुक्तों ने फैसलों पर जताई आपत्ति, नए मतदाता, नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण पर उठाए सवाल

Published: September 24, 2026

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग के भीतर पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं। दोनों आयुक्तों का कहना है कि कई निर्णय उनकी जानकारी या आवश्यक स्वीकृति के बिना लिए गए।

13 करोड़ से अधिक नामों पर एसआईआर का असर
बिहार से शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) का विस्तार 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक हुआ। उपलब्ध सामग्री के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए। इसी प्रक्रिया के दौरान मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाली की व्यवस्था को लेकर आयोग के भीतर मतभेद सामने आए।

14 औपचारिक आपत्तियां — दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से
13 करोड़+ नाम — एसआईआर के ड्राफ्ट रोल से हटाए गए नाम
97 मतदाता — गोवा में पात्र पाए जाने के बावजूद अंतिम सूची से बाहर
4 महीने — पूर्ण आयोगीय बैठक के बीच का अंतराल
9 सितंबर — मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों आयुक्तों की पूर्ण बैठक

फॉर्म-6 में बदलाव पर ‘अनधिकृत’ का सवाल
नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में एसआईआर से जुड़ा नया सवाल जोड़े जाने पर दोनों आयुक्तों ने आपत्ति की। संधू ने बाद में इस बदलाव को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए इसे हटाने की मांग की।

वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण पर चिंता
विवेक जोशी ने मतदाता डेटाबेस के “क्रमिक केंद्रीकरण” पर सवाल उठाते हुए ऑडिट की मांग की। वहीं संधू ने राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा ERONet तक पूर्ण पहुंच नहीं मिलने की शिकायत का उल्लेख किया। दोनों की चिंता का केंद्र यह था कि वैधानिक निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका और डिजिटल नियंत्रण के बीच संतुलन बना रहे।

गोवा में 97 पात्र मतदाता सूची से बाहर
गोवा में सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था के कारण 97 ऐसे मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सके, जिन्हें स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र पाया था। अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर में नाम बहाल करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बार पत्राचार किया, लेकिन समय पर व्यवस्था सक्रिय नहीं हो सकी।

चार महीने बाद हुई आयोग की पूर्ण बैठक
दोनों आयुक्तों द्वारा कार्य-विभाजन और चुनावी आईटी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखे जाने के बाद 9 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की चार महीने में पहली पूर्ण बैठक हुई। उपलब्ध सामग्री में बैठक के अंतिम निर्णयों का विवरण नहीं दिया गया है।

संवैधानिक प्रक्रिया पर भी सवाल
निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत गठित संवैधानिक संस्था है। 2023 के कानून के अनुसार आयोग के कामकाज में जहां तक संभव हो सर्वसम्मति का प्रयास किया जाना चाहिए और मतभेद की स्थिति में बहुमत से निर्णय होता है। दोनों आयुक्तों ने आयोग के नाम से जारी संचारों में आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन किए जाने पर भी जोर दिया।

मुख्य सवाल
क्या मतदाता सूची के डिजिटल प्रबंधन में जमीनी वैधानिक अधिकारियों की भूमिका पर्याप्त रूप से सुरक्षित है? नए मतदाताओं के पंजीकरण और नाम हटाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है? और आयोग के भीतर दर्ज की गई इन आपत्तियों पर क्या कार्रवाई हुई? इन सवालों के जवाब चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

Related Story
चुनाव आयोग में अंदरूनी मतभेद: दो आयुक्तों ने 10 माह में 14 बार उठाई आपत्तियां
September 24, 2026 चुनाव आयोग में अंदरूनी मतभेद: दो आयुक्तों ने 10 माह में 14 बार उठाई आपत्तियां
चुनाव आयोग में 10 माह में 14 बार उठे विरोध के स्वर; दो निर्वाचन आयुक्तों ने फैसलों पर जताई आपत्ति, नए मतदाता, नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण पर उठाए सवाल
September 24, 2026 चुनाव आयोग में 10 माह में 14 बार उठे विरोध के स्वर; दो निर्वाचन आयुक्तों ने फैसलों पर जताई आपत्ति, नए मतदाता, नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण पर उठाए सवाल
MP में चलेंगी भगवा बसें; भोपाल में कल शुभारंभ, प्रथम चरण में रीवा से 35 मार्गों पर 184 बसें चलेंगी सुगम में समायोजित होगी सूत्र सेवा
September 24, 2026 MP में चलेंगी भगवा बसें; भोपाल में कल शुभारंभ, प्रथम चरण में रीवा से 35 मार्गों पर 184 बसें चलेंगी सुगम में समायोजित होगी सूत्र सेवा
SRI का मुद्दा : चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के खुलासे के बाद छिड़ी सियासी रार
September 24, 2026 SRI का मुद्दा : चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के खुलासे के बाद छिड़ी सियासी रार
मध्यप्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
September 24, 2026 मध्यप्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Chief Minister Dr. Mohan Yadav: सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री ने वर्चुअली किया संबोधित; मिलेट उत्पादन, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों से आय बढ़ाने पर जोर
September 24, 2026 Chief Minister Dr. Mohan Yadav: सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री ने वर्चुअली किया संबोधित; मिलेट उत्पादन, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों से आय बढ़ाने पर जोर
Sidhi industrial investment: सीधी के बाड़ीटोला औद्योगिक क्षेत्र में 100 करोड़ के निवेश की संभावना
September 24, 2026 Sidhi industrial investment: सीधी के बाड़ीटोला औद्योगिक क्षेत्र में 100 करोड़ के निवेश की संभावना
Rewa Transport and Mining Departments News; परिवहन एवं खनिज विभाग राजस्व वसूली में तेजी लाएं : कमिश्नर शीलेंद्र सिंह
September 23, 2026 Rewa Transport and Mining Departments News; परिवहन एवं खनिज विभाग राजस्व वसूली में तेजी लाएं : कमिश्नर शीलेंद्र सिंह
Agriculture Department Rewa News: धान की फसल में पत्ती लपेटक कीट के प्रकोप की आशंका, किसान नियमित निगरानी करें
September 23, 2026 Agriculture Department Rewa News: धान की फसल में पत्ती लपेटक कीट के प्रकोप की आशंका, किसान नियमित निगरानी करें
Rewa News: बीएड-एमएड की निर्धारित सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करें : कमिश्नर शीलेंद्र सिंह
September 23, 2026 Rewa News: बीएड-एमएड की निर्धारित सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करें : कमिश्नर शीलेंद्र सिंह

Leave a Comment