भारतीय क्रिकेट में इन दिनों Ravindra Jadeja का खराब फॉर्म लगातार चर्चा में है। ऑलराउंडर जडेजा लंबे समय से टीम इंडिया की रीढ़ माने जाते रहे हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या Axar Patel जडेजा के संभावित रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम इंडिया में फिट बैठ सकते हैं। आइए आंकड़ों, फॉर्म और भूमिका के आधार पर इस सवाल का जवाब तलाशते हैं।
जडेजा बनाम अक्षर: भूमिका और अनुभव
रवींद्र जडेजा टीम इंडिया के सबसे अनुभवी ऑलराउंडर्स में से एक हैं। वे लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी रहे हैं। हालांकि 37 साल की उम्र में जडेजा अब टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल सिर्फ टेस्ट व वनडे में उपलब्ध हैं।
वहीं अक्षर पटेल तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का हिस्सा हैं, लेकिन उनका करियर अब तक “अंदर-बाहर” का रहा है। इसके बावजूद, हाल के वर्षों में अक्षर ने खुद को भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में साबित किया है।
वनडे क्रिकेट में आंकड़ों की तुलना
अगर वनडे रिकॉर्ड की बात करें, तो जडेजा ने अब तक 210 वनडे मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 2905 रन बनाए और 232 विकेट झटके। उनका अनुभव और निरंतरता इस फॉर्मेट में साफ दिखाई देती है।
दूसरी ओर, अक्षर पटेल ने 71 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 858 रन बनाए और 75 विकेट हासिल किए हैं। आंकड़े भले ही जडेजा के पक्ष में हों, लेकिन अक्षर का स्ट्राइक रेट और हालिया प्रदर्शन चयनकर्ताओं को प्रभावित कर रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में जडेजा का दबदबा
टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा का रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने 89 टेस्ट मैचों में 4095 रन बनाए और 348 विकेट लिए हैं। भारतीय पिचों पर जडेजा लंबे समय से मैच विनर साबित होते रहे हैं।
वहीं अक्षर पटेल ने अब तक सिर्फ 15 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने 688 रन बनाए और 57 विकेट लिए हैं। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर ने टेस्ट में भी ऑलराउंड प्रदर्शन किया है, लेकिन अनुभव के मामले में वे अभी जडेजा से काफी पीछे हैं।
टी20 इंटरनेशनल में अक्षर की बढ़त
टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो जडेजा ने 74 मैचों में 515 रन और 54 विकेट लिए हैं। दूसरी ओर अक्षर पटेल 86 टी20 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 686 रन बनाए और 83 विकेट हासिल किए हैं। टी20 फॉर्मेट में अक्षर की गेंदबाजी में विविधता और बल्लेबाजी में निरंतरता उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है। यही वजह है कि जडेजा के संन्यास के बाद टी20 में अक्षर की भूमिका और अहम हो गई है।
खराब फॉर्म में जडेजा, बढ़ती चिंता
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में जडेजा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। तीन मैचों में उन्होंने सिर्फ 4, 27 और 12 रन बनाए और गेंदबाजी में भी कोई विकेट नहीं ले सके। यह प्रदर्शन उनके स्तर के खिलाड़ी के लिहाज से टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अक्षर पटेल की फॉर्म में उछाल
पिछले एक साल में अक्षर पटेल की फॉर्म में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। साल 2025 में उन्होंने 11 मैचों में 290 रन बनाए, जबकि जडेजा ने 10 मैचों में सिर्फ 106 रन ही बना पाए। गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अक्षर लगातार योगदान दे रहे हैं, जो उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।
क्या अक्षर जडेजा का विकल्प बन सकते हैं?
आंकड़ों और अनुभव के लिहाज से रवींद्र जडेजा अभी भी टीम इंडिया के लिए बेहद अहम खिलाड़ी हैं, खासकर टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखें तो अक्षर पटेल धीरे-धीरे जडेजा के मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।
अगर जडेजा की फॉर्म में सुधार नहीं होता, तो आने वाले समय में टीम मैनेजमेंट अक्षर पटेल को ज्यादा मौके दे सकता है। फिलहाल इतना तय है कि टीम इंडिया के पास ऑलराउंडर के रूप में एक मजबूत बैकअप मौजूद है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
