छत्तीसगढ़ की Chhattisgarh Cabinet ने राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में रायपुर स्थित सीएम हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही शिक्षा, तकनीकी स्टार्ट-अप और आईटी सेक्टर को लेकर भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट के बड़े फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी; MSME सेक्टर में जान फूंकने के लिए SIDBI को 5,000 करोड़ रुपये की मंजूरी
छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति को मंजूरी
कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री Arun Sao ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पास कर दिया गया है। इस नीति को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं, जिस पर अब सरकार ने औपचारिक रूप से मुहर लगा दी है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नीति के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया गया है और इसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को अधिकृत कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य आबकारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ अवैध शराब कारोबार पर भी नियंत्रण लगाया जा सके।

SVKM को 40 एकड़ जमीन देने का फैसला
कैबिनेट बैठक में एक अहम निर्णय SVKM (श्री विले पार्ले केलवणी मंडल) को 40 एकड़ भूमि आवंटित करने को लेकर भी लिया गया। इस जमीन का उपयोग शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों के विकास के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
कैबिनेट के बड़े फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी; MSME सेक्टर में जान फूंकने के लिए SIDBI को 5,000 करोड़ रुपये की मंजूरी
Chhattisgarh Cabinet
1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया।
2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा।
कैबिनेट के बड़े फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी; MSME सेक्टर में जान फूंकने के लिए SIDBI को 5,000 करोड़ रुपये की मंजूरी
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।
‘हां, मैं हूं शंकराचार्य…’, माघ मेला प्राधिकरण को अविमुक्तेश्वरानंद का सख्त जवाब
4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं।
तकनीकी स्टार्ट-अप और आईटी सेक्टर पर फोकस
साय कैबिनेट ने तकनीकी स्टार्ट-अप और आईटी सेक्टर से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है। इन फैसलों से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
‘हां, मैं हूं शंकराचार्य…’, माघ मेला प्राधिकरण को अविमुक्तेश्वरानंद का सख्त जवाब
आईटी और स्टार्ट-अप से जुड़े फैसलों को डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
किन मुद्दों पर नहीं हुई चर्चा
हालांकि, इस कैबिनेट बैठक में धान खरीदी और रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लेकर कोई ठोस चर्चा होने की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, इन विषयों पर आने वाली कैबिनेट बैठकों में विचार किया जा सकता है। धान खरीदी को लेकर किसान वर्ग लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहा है।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
नई आबकारी नीति, शिक्षा और आईटी सेक्टर से जुड़े फैसलों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से राजस्व बढ़ेगा, निवेश आकर्षित होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
‘हां, मैं हूं शंकराचार्य…’, माघ मेला प्राधिकरण को अविमुक्तेश्वरानंद का सख्त जवाब
साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और आर्थिक विकास की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। नई आबकारी नीति से जहां राज्य के राजस्व और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, वहीं SVKM को भूमि आवंटन और तकनीकी स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने से शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में इन फैसलों के प्रभाव पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
