क्या अब सीट के लिए कांग्रेस की तरह बीजेपी से भी लड़ जाएँगे ज्योतिरादित्य सिंधिया

राजनीति में सिंधिया परिवार के लिए कहा जाता हैं कि कभी उन्होंने अपने समर्थकों के हक़ के लिए किसी से समझौता नहीं किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एमपी में बीजेपी सरकार बनवा कर भाजपा का दिल जीत लिया।
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राजनीति में सिंधिया परिवार के लिए कहा जाता हैं कि कभी उन्होंने अपने समर्थकों के हक़ के लिए किसी से समझौता नहीं किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एमपी में बीजेपी सरकार बनवा कर भाजपा का दिल जीत लिया। लेकिन अभी उनके परीक्षा की घड़ी बाक़ी है। विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसी के साथ 6 विधानसभा सीटों को लेकर सिंधिया और बीजेपी के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। 

समर्थकों को सत्ता में पॉवर नहीं दिया तो हुई बग़ावत 
जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस पार्टी में थे, उस समय मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ उनकी अदावत भी समर्थक मंत्रियों को सत्ता में पॉवर नहीं देने पर हुई थी। इसी बात को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया और स्पष्ट रूप से कहा की उन्हें सड़क पर भी उतरना पड़ सकता है। 

इसी के बाद कमलनाथ से हुआ वाक्युद्ध
इन सब के बाद कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बातों ही बातों में जंग छिड़ गई। और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कमलनाथ के समर्थन में आ गये। इसके चलते बड़े मतभेद चालू हो गये। इसी मतभेद के चलते मुख्यमंत्री कमलनाथ की कुर्सी छीन की गई। और कांग्रेस सरकार गिर गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों की शिकायत पर सरकार को चलता कर दिया। अब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में है तो क्या अब भी अपने समर्थकों के लिए समझौता करते है या नहीं