MP कैबिनेट का बड़ा फैसला एंबुलेंस रोकने पर 10 हजार, तो बिना हेलमेट अब 300 रुपए जुर्माना, फटाफट जाने नए नियम

मध्य प्रदेश के कैबिनेट ने लिया मंगलवार को एक नया फैसला यह फैसला मोटर यान अधिनियम के 1998 में दी गई जुर्माने की राशि में संशोधन कर दिया गया है.बता दें कि इस अधिनियम के तहत यह निर्धारित किया गया है
 | 
मध्य प्रदेश के कैबिनेट ने लिया मंगलवार को एक नया फैसला यह फैसला मोटर यान अधिनियम के 1998 में दी गई जुर्माने की राशि में संशोधन कर दिया गया है.बता दें कि इस अधिनियम के तहत यह निर्धारित किया गया है कि जो भी व्यक्ति बिना हेलमेट के गाड़ी चला गया, ओवरलोड वाहनों का इस्तेमाल करेगा या फिर किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन करेगा या एंबुलेंस रोकने की कोशिश करेगा. उस पर विभिन्न विभिन्न तरह से फाइन तथा जुर्माना लगाए जाएंगे.  बता दे किस अधिनियम के तहत बताया गया है कि जो भी व्यक्ति बिना हेलमेट के गाड़ी चलाएगा तो उस पर ₹300 जुर्माना लगाया जाएगा.साथ ही आपको बता दे की यह जुर्माना अब तक ₹250 था जिसे बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया है.साथ ही बता दे कि जो व्यक्ति साइलेंसर को मॉडिफाइड करा कर या फिर फोन से प्रतिबंधित क्षेत्रों में बार-बार हॉर्न बजाने की कोशिश करेगा या फिर किसी भी तरह की आवाज को फैलाने की कोशिश करेगा तो उस पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा.  साथ ही इस अधिनियम के तहत यह निर्धारित किया गया है कि किसी की भी गाड़ी जो कि तय मानक से अधिक प्रदूषण कहलाती है या फिर रोड पर अधिक प्रदूषण फैलाने का काम करती है तो उस पर पहली बार में ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा. अगर यह चीज वापस नहीं सुधारी गई तो दूसरी बार में यह राशि ₹1000 से बढ़कर ₹10 हजार तक हो जाएगी.साथ ही बता दे कि यदि कोई वाहन परमिट से ज्यादा सवारी लेता है या फिर अधिक प्रयोग व्यक्तियों को अपनी गाड़ी पर सवारी देता है तो उन्हें प्रति व्यक्ति दो ₹200 जुर्माना देना पड़ेगा। पहले यह जुर्माना ₹1500 था.  साथ ही बता दे कि इस अधिनियम के दौरान यह तय किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के द्वारा गाड़ी क्या फिर बाइक से रोड पर रेस लगाए जाने जैसी हरकतें की जाती है तो उन लोगों पर पहली बार में ₹5000 जुर्माना लगाया जाएगा. जबकि दूसरी बार में यह जुर्माना ₹5000 से बढ़कर ₹10000 तक हो जाएगा.साथी जो व्यक्ति ओवरलोड वाहनों का इस्तेमाल करेंगे जिसके कारण रोड को किसी भी तरह की हानि पहुंचती है तो उन पर सड़क परिवहन के द्वारा ₹10000 तक की राशि जुर्माने के तौर पर लगाई जाएगी.  इन सबके अलावा बता दे कि यदि किसी भी तरह से जैसे जुलूस, धरना, प्रदर्शन या किसी भी तरह के प्रदर्शन के कारण एंबुलेंस को रोका जाता है या उसके जाने के रास्ते में बाधा आती है तो उन सभी लोगों पर ₹10000 का दंड भुगतान लगाया जाएगा.

मध्य प्रदेश के कैबिनेट ने लिया मंगलवार को एक नया फैसला यह फैसला मोटर यान अधिनियम के 1998 में दी गई जुर्माने की राशि में संशोधन कर दिया गया है.बता दें कि इस अधिनियम के तहत यह निर्धारित किया गया है कि जो भी व्यक्ति बिना हेलमेट के गाड़ी चला गया, ओवरलोड वाहनों का इस्तेमाल करेगा या फिर किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन करेगा या एंबुलेंस रोकने की कोशिश करेगा. उस पर विभिन्न विभिन्न तरह से फाइन तथा जुर्माना लगाए जाएंगे.

बता दे किस अधिनियम के तहत बताया गया है कि जो भी व्यक्ति बिना हेलमेट के गाड़ी चलाएगा तो उस पर ₹300 जुर्माना लगाया जाएगा.साथ ही आपको बता दे की यह जुर्माना अब तक ₹250 था जिसे बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया है.साथ ही बता दे कि जो व्यक्ति साइलेंसर को मॉडिफाइड करा कर या फिर फोन से प्रतिबंधित क्षेत्रों में बार-बार हॉर्न बजाने की कोशिश करेगा या फिर किसी भी तरह की आवाज को फैलाने की कोशिश करेगा तो उस पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा.

साथ ही इस अधिनियम के तहत यह निर्धारित किया गया है कि किसी की भी गाड़ी जो कि तय मानक से अधिक प्रदूषण कहलाती है या फिर रोड पर अधिक प्रदूषण फैलाने का काम करती है तो उस पर पहली बार में ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा. अगर यह चीज वापस नहीं सुधारी गई तो दूसरी बार में यह राशि ₹1000 से बढ़कर ₹10 हजार तक हो जाएगी.साथ ही बता दे कि यदि कोई वाहन परमिट से ज्यादा सवारी लेता है या फिर अधिक प्रयोग व्यक्तियों को अपनी गाड़ी पर सवारी देता है तो उन्हें प्रति व्यक्ति दो ₹200 जुर्माना देना पड़ेगा। पहले यह जुर्माना ₹1500 था.

साथ ही बता दे कि इस अधिनियम के दौरान यह तय किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के द्वारा गाड़ी क्या फिर बाइक से रोड पर रेस लगाए जाने जैसी हरकतें की जाती है तो उन लोगों पर पहली बार में ₹5000 जुर्माना लगाया जाएगा. जबकि दूसरी बार में यह जुर्माना ₹5000 से बढ़कर ₹10000 तक हो जाएगा.साथी जो व्यक्ति ओवरलोड वाहनों का इस्तेमाल करेंगे जिसके कारण रोड को किसी भी तरह की हानि पहुंचती है तो उन पर सड़क परिवहन के द्वारा ₹10000 तक की राशि जुर्माने के तौर पर लगाई जाएगी.

इन सबके अलावा बता दे कि यदि किसी भी तरह से जैसे जुलूस, धरना, प्रदर्शन या किसी भी तरह के प्रदर्शन के कारण एंबुलेंस को रोका जाता है या उसके जाने के रास्ते में बाधा आती है तो उन सभी लोगों पर ₹10000 का दंड भुगतान लगाया जाएगा.