इस बहू के कंधे में आई नेताजी की विरासत सम्हालने की जिम्मेदारी, मैनपुरी से बनाया गया प्रत्याशी

मुलायम सिंह के निधन के बाद खााली हुई है ये सीट
 | 
Dimple Yadav gets Mulayam Singh's legacy

समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट में उपचुनाव होने जा रहा है। इस सीट से सपा ने पूर्व सांसद डिंपल यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। मैनपुरी में उप चुनाव पांच दिसंबर को होना है। पूर्व सांसद डिंपल यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी हैं। बता दें कि वर्ष 2009 में डिंपल ने लोकसभा का पहला चुनाव फिरोजाबाद से लड़ा था। जिसमें कांग्रेस के राजबब्बर ने उन्हें हराया था। इसके बाद वर्ष 2012 में जब अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा की सीट छोड़ी तो उप चुनाव में डिंपल यादव निर्विरोध निर्वाचित हुईं थी। कांग्रेस और भाजपा ने अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा था। वहीं वर्ष 2019 में सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी के रूप में कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ीं डिंपल को भाजपा के सुब्रत पाठक ने हराया था।

देश के बड़े नेताओं में शुमार रहे मुलायम सिंह यादव का गढ़ मैनपुरी को माना जाता है। नेताजी के प्रभाव के चलते ही पिछले नौ लोकसभा चुनाव से यहां पर समाजवादी पार्टी का ही पतखा लहरा रही है। लम्बे समय से मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से चुनाव लड़। अब उप चुनाव में उनका गढ़ बचाने की जिम्मेदारी उनकी बड़ी बहू डिंपल यादव के कंधों पर है। सपा ने डिंपल यादव को प्रत्याशी घोषित करने के बाद एक तरह से नेता जी की विरासत को बड़ी बहू को सौंपने की तैयारी में हैं। हालांकि पहले इस सीट से चुनाव लड़ाने के लिए नेता जी की छोटी बहू अपर्ण यादव के नाम पर भी चर्चा थी लेकिन अखिरकार मौका डिंपल यादव को मिल गया।