Dummy Teacher: अब नहीं चलेगी शिक्षकों की मनमानी, चस्पा होगी कक्षा में फोटो, डमी टीचर रख उठा रहे थे मोटी वेतन

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने जार किया आदेश
 | 
dummy teacher

मध्य प्रदेश में लगातार शिकायतें आती हैं कि सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के स्थान पर कोई और डमी टीचर (Dummy Teacher) पढ़ाई कराता है। इस तरह के मामले पूरे प्रदेश से सामने आ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब लोक शिक्षण संचालनालय ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की फोटो और उनका मोबाइल नंबर हर कक्षा में चस्पा किया जाए। जिससे कि छात्रों-अभिभावकों के अलावा बाहर से आने वाले व्यक्तियों को भी पता चल सकेगा कि संबंधित व्यक्ति ही इस कक्षा का शिक्षक है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कहा गया है कि शैक्षणिक कामकाज पूरी तरह से पारदर्शिता होनी चाहिए। शिक्षकों को अपने संस्था में निर्धारित समय पर रहकर विद्यार्थियों को हर हाल में पढ़ाई कराना होगा। इसकी निगरानी संबंधित संस्था के प्राचार्य, हेडमास्टर या फिर अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को करनी होगी। अगर विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों की फोटो लगाए जाने के बावजूद शिक्षक की जगह कोई दूसरा व्यक्ति (Fake Teacher) पढ़ाते हुए पाया गया तो इसकी जवाबदेही निगरानी करने वाले सभी लोगों की होगी। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर अपने संस्था में रहते हुए शैक्षणिक कार्य कराएंगे। इस पर संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भी  समय-समय पर जवाब प्रस्तुत करना होगा।

पोर्टल पर भी अपलोड करनी होगी पूरी जानकारी
इस आदेश के तहत सिर्फ स्कूलों की कक्षा में ही फोटो और मोबाइल नंबर लिखने से काम नहीं चलेगा। इसके  साथ ही सभी प्राचार्यों की जिम्मेदारी दी गई है कि वह कक्षा में पढ़ाने वाले सभी संबंधित शिक्षकों की फोटो, उनका मोबाइल नंबर और टाइमटेबिल दर्ज कर उसकी फोटो विमर्श पोर्टल पर अपडेट कराएं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई शिक्षक ऐसे हैं जो कि मोबाइल से उपनी उपस्थित दर्ज करने के बाद चले जाते हैं और गांव के ही किसी बेरोजगार युवक को बच्चों की देखरेख के लिए लगा देते हैं। इस मनमानी पर ही नियंत्रण करने के लिए यह नई व्यवस्था बनाई जा रही है।