मोबाइल खेलने से मां ने डांटा तो छठवीं कक्षा की छात्रा ने लगाई फांसी

मीडिया रिपोर्ट की माने तो 12 से 18 महीने की उम्र के बच्चों में भी फोन के इस्तेमाल देखे गए हैं साथ ही आजकल बच्चों में फोन का चलन बहुत ही आम होगे जिसके कारण कई बच्चो के लिए यह हानिकारक भी साबित हुआ है.
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मीडिया रिपोर्ट की माने तो 12 से 18 महीने की उम्र के बच्चों में भी फोन के इस्तेमाल देखे गए हैं साथ ही आजकल बच्चों में फोन का चलन बहुत ही आम होगे जिसके कारण कई बच्चो के लिए यह हानिकारक भी साबित हुआ है.यही फोन के इस्तेमाल से जुड़ा एक 10 साल की लड़की का केस यूपी के लखनऊ से आया है जहां पर 10 साल की लड़की को फोन चलाने पर उसकी मां ने डांटा तो उसने आत्महत्या कर ली.

दरअसल, यह मामला यूपी की राजधानी लखनऊ का है जहां पर एक 10 साल की बच्ची ने मां के डांटने पर फांसी लगा ली.दरअसल बेटी दिन भर मोबाइल पर गेम खेलती थी जिसके लिए उसकी मां ने जब उसे रोका तो उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.हर बच्चे का नाम हर्षिता बाजपेई है जो कि अपनी मां के साथ लखनऊ के पारा के बलदेव खेड़ा में रहती थी.

दरअसल बच्ची के पिता की मौत कुछ ही साल पहले हो गई थी.वह अपनी मम्मी के साथ अकेले घर पर रहती थी.बताया जा रहा है कि बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता था जिसके कारण वह हमेशा मोबाइल पर गेम खेला करती थी जिसको लेकर उसकी मां हमेशा उसे डांटा करती थी.

यह मामला बीते मंगलवार क्या है जब नीतू ने अपनी बेटी को फिर से गेम खेलने के लिए मना किया साथियों से डाटा जिसके बाद वह अपना काम करने के लिए दूसरे के घर में चली गई.पर जब वह दूसरे घर से काम कर वापस लौटी तो उसने अपनी बेटी को फांसी पर लगा हुआ देखा.इस घटना के बाद बच्ची की मां ने तुरंत ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई.