मध्य प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को लगेंगे पंख, इस जिले में जल्दी ही खुलेगा कन्या विश्वविद्यालय

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, इसके लिये विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है संकल्प पत्र 
 | 
girls

रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जल्दी ही महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।  विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौमत ने कहा कि छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत दिलाने के उद्देश्य से जिले में कन्या विश्वविद्यालय प्रारंभ किया जायेगा। विधानसभा में इसके लिये संकल्प पत्र प्रस्तुत किया गया है। यह बात विधानसभा अध्यक्ष ने शासकीय कन्या महाविद्यालय रीवा के आडिटोरियम में आयोजित विश्वरंग पुस्तक यात्रा का शुभारंभ के दौरान कही। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर विश्वरंग पुस्तक यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कन्या महाविद्यालय के पहुंचमार्ग की मरम्मत, आडिटोरियम की साज-सज्जा करने के साथ ही कन्या महाविद्यालय के उन्नयन के लिए किए जा रहे को भी स्वीकृत दी। उन्होंने कहा कि युवा एवं छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए पुस्तकों को अपना मित्र बनाना चाहिये। पुस्तकों हमारी सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं, इनसे पर्यावरण हमारी संस्कृति, इतिहास, भूगोल का ज्ञान तो मिलता ही है। पुस्तकों से हम अपने इतिहास व स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुये, क्रान्तिकारियों एवं सेना नायकों की भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

Vidhansabha Adhyaksh Girish Gautam

किताबों से दूर हो रही युवा पीढ़ी
उन्होंने कहा कि आज के मोबाइल के युग में युवा एवं छात्र किताबों से दूर होता जा रहा है, जो उनके लिए घातक है। आज भले ही  विश्व की कोई भी जानकारी एक  क्लिक से प्राप्त की जा सकती है। लेकिन मोबाइल की जानकारी परिपूर्ण नहीं होती। कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिये हमें पुस्तकों से दोस्ती करनी होगी। युवाओं एवं छात्रों का दिन प्रतिदिन किताबों से दूर होने का एक कारण यह भी कह सकते हैं कि आज रचनाकार एवं साहित्यकार अच्छा साहित्य नहीं लिख रहे है। रविन्द्रनाथ टैगौर, प्रेमचन्द्र एवं दिनकर जी की किताबे आज भी लोग बड़ी रूचि के साथ पढ़ते है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 

क्या है विश्वरंग पुस्तक यात्रा
कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता सिंह ने विश्वरंग पुस्तक यात्रा की जानकारी देते हुये बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत भारत एवं अन्य 50 देशों से पुस्तक यात्रा निकाली जा रही है। हमारे देश में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार एवं झारखण्ड सहित 11 स्थानों से 100 जिलों 20 विकासखण्डों एवं 500 ग्राम पंचायतों से पुस्तक यात्रा निकाली जायेगी। पुस्तक यात्रा के समापन पर भोपाल के मिन्टों हाल में 50 राष्ट्रों को साहित्यकार एवं प्रतिनिधियों का समागम होगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश येंगल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. ज्योति सिंह, रचना श्रीवास्तव, प्रवीण तिवारी, मुकेश पाण्डेय, एन.एन. द्विवेदी, वरूण शुक्ला सहित महाविद्यालय के प्रोफेसर उपस्थित थे।