शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर दो ऐप बनाकर जीती प्रतियोगिता

36 घंटे कोडिंग करके ऐप और वेबसाइट डेवलप कर हासिल किया प्रस्र्ट प्राइस, एक लाख रूपये का मिला इनाम
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Students of Engineering College Rewa won the national competition


रीवा. शासकीय इंजीनियरिंग कालेज रीवा के प्रतिभावान छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर दो ऐप बनाकर एक लाख रूपये का पुरस्कार जीता है। बता दें कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन शिक्षा मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और इंटर इंस्टीट्यूशनल इनक्लूसिव इनोवेशन सेंटर की एक पहल है। जो एसआईएच 2017 से उच्च शिक्षा के छात्रों के लिये हर वर्ष दो प्रारूपों सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर संस्करण में आयोजित करता है। ग्रैंड फिनाले में भाग लेने के लिये 15,000 से अधिक छात्रों और संरक्षक ने 75 नोडल केंद्रों का भ्रमण किया।

ऐसे हुई प्रतियोगिता
इस प्रतियोगिता के लिए रीवा के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से वर्ष 2022 में दो टीमों का ग्रैंड फिनाले में चयन हुआ। जिसमें एक टीम फस्र्ट ईयर की और एक टीम थर्ड ईयर की थी। पहली टीम की टीम लीडर वैष्णवी चंद्रवंशी है और टीम में कुल 5 सदस्य हैं। दूसरी टीम के टीम लीडर धीरज भारद्वाज है और टीम में कुल 6 सदस्य हैं। पहली टीम ने मॉड्यूल तैयार किया जिसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आने वाली समस्या का समाधान हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा। एंड्रॉयड डेवलपमेन्ट और वेब डेवलपमेन्ट दोनों ही 36 घंटे में करके दिखाया था। दूसरी टीम ने मशीन लर्निंग आधार हिंसात्मक डिटेक्टर सॉफ्टवेयर ऐप तैयार किया जिसमें किसी भी प्रकार की हिंसात्मक प्रतिक्रिया कि जानकारी नजदीक के पुलिस स्टेशन में स्वयं चली जायेगी। प्रथम-टीम ने अपनी श्रेणी में 36 घंटे कोडिंग करके ऐप और वेबसाइट डेवलप कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस दौरान सहायक प्राध्यापक इलेक्ट्रानिक एवं कम्यूनिकेशन समीक्षा सिंह उपस्थित रहीं। छात्रों के दल में आयुष सिंह, सौरभ, लतिस गंगारे, हितेश चौकीदार, अभिनंदन मिश्रा, मयंक विश्वकर्मा, अखिलेश द्विवेदी, श्रीकृष्ण द्विवेदी व प्रशांत जोशी शामिल हैं।

कलेक्टर ने छात्रों से मुलाकात कर की सराहना
शासकीय इंजीनियरिंग कालेज रीवा के प्रतिभावान छात्रों से कलेक्टर मनोज पुष्प ने मुलाकात की। पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों की दोनों टीमों के सदस्यों ने कलेक्टर को बनाये गये ऐप एवं उसके उपयोग व सुविधा के बारे में जानकारी दी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन एवं सीईओ जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि दोनों ऐप उपयोगी है जिनसे पुलिस एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों व योजनाओं के संचालन में सुविधा होगी।