Virendra sehwag: महेंद्र सिंह धोनी के कारण क्रिकेट छोड़ने के बारे में सोचा था

वीरेंद्र सहवाग इंडियन क्रिकेट टीम के एक अच्छे और विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक थे.वह बहुत ही अच्छे खिलाड़ी थे.बता दें कि सहवाग ने 2011 में वनडे विश्व कप भी जीता है
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वीरेंद्र सहवाग इंडियन क्रिकेट टीम के एक अच्छे और विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक थे.वह बहुत ही अच्छे खिलाड़ी थे.बता दें कि सहवाग ने 2011 में वनडे विश्व कप भी जीता है. साथ ही वह तीनों प्रारूप में भारत के लिए 7,8 साल तक क्रिकेट मैच में खेले हैं.लेकिन सहवाग के जीवन में कैसा भी दौर आया था जब उन्होंने क्रिकेट को छोड़ने की ठान ली थी तथा क्रिकेट से संन्यास लेने का सोच लिया था.

उन्होंने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनका संन्यास लेने का मुख्य कारण था महेंद्र सिंह धोनी उन्होंने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किया गया था. हाल ही में एक बातचीत से सवाल ने बताया कि वे 2008 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ही वनडे क्रिकेट से संन्यास लेना चाहते थे क्योंकि धोनी ने उन्हें playing 11 से बाहर कर दिया था लेकिन उसके बाद उन्हें सचिन तेंदुलकर ने ऐसा करने से मना कर दिया था.

उन्होंने क्रिकबज जो नाच पार्टी पर कहा कि 2008 में ही उन्होंने यह तय कर लिया था कि वह क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे क्योंकि उन्होंने टेस्ट सीरीज में वापसी की जिसके बाद उन्हें केवल डेढ़ 150 रन बनाए. जिसके कारण एम एस धोनी ने उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया.उनके दिमाग में वनडे क्रिकेट छोड़ने का विचार आ गया और उन्होंने सोचा कि अब वह क्रिकेट खेलना जारी नही रखेंगे.

बता दें कि 1 महीने पहले वीरेंद्र ने अनिल कुंबले की कप्तानी में एक टेस्ट टीम में जोरदार से वापसी की थी और उन्होंने मेजबान ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के साथ कॉमनवेल्थ बैंक त्रिकोणी सीरीज में भारत के 10 मैचों में से केवल 5 मैच ही खेले थे और उन्होंने इसमें केवल 6 33 11 और 14 ही रन बने थे.परिणाम स्वरूप उन्हें फिर से प्लेइंग 11 से बाहर निकाल दिया गया था.

इस तरह के दो मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए. इसके बाद उन्होंने फिर से सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले लीग मैच में प्लेइंग इलेवन में वापस ही ली, लेकिन इसमें भी वे केवल 14 रन बना सके, जिसके कारण उन्हें फिर से मैच से बाहर कर दिया गया.

इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने को तैयार करते लेकिन केवल सचिन तेंदुलकर ने उन्हें संन्यास लेने से रोक दिया.बता दे कि जब ऑस्ट्रेलिया दौरे के पर गए थे तो वनडे प्रारूप में सन्यास की घोषणा करने ही वाले थे. सचिन तेंदुलकर ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था.उन्होंने कहा था कि अभी और कुछ सही नहीं है. इसका मतलब यह नहीं कि तुम क्रिकेट से सन्यास ले लो.इस तरह सचिन तेंदुलकर के मोटिवेशन के कारणों ने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया.