CITU State Conference : इस प्रदेश में नहीं हो रहा श्रम कानूनों पर अमल, प्रबंधन व मालिक कर रहे दमन, असुरक्षित श्रमिकों का भविष्य

सीटू के राज्य सम्मेलन के दूसरा दिन लगाया श्रम कानूनों को पंगु बनाने का आरोप
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State Conference of CITU

रीवा. सेन्टर ऑफ  इण्डियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के विद्याशंकर मुफलिस नगर सिंधु भवन के हाल में चल रहे राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन प्रदेश सरकार पर श्रम कानूनों को पंगु बनाने का आरोप लगाया गया। सरकार द्वारा लागू नीतियों व उनके कारण श्रमिकों पर पडऩे वाले प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा गया कि प्रदेश में श्रम कानून पर अमल न होने से प्रबंधन व मालिकों का दमन जारी है। 

CITU State Conference in rewa

बड़े पैमाने पर ठेकेदारी प्रथा
संगठन के राज्य महासचिव प्रमोद प्रधान ने कहा कि शासकीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद उन्हे स्थाई रूप से भरे जाने के बजाय आउट सोर्स के जरिये ठेके पर या शासकीय संविदाकर्मी के नाम पर काम लिये जा रहे हैं। कारखानों में भी स्थाई की जगह बड़े पैमाने पर ठेकेदारी प्रथा लागू हो रही है। मंहगाई, भ्रष्टाचार घोटाले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं तथा प्रतिरोध की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर धारा 144 लगाकर धरना-प्रदर्शन को रोकने व नेताओं पर दमनात्मक कार्यवाही की जा रही है। जबकि धार्मिक, साम्प्रदायिक उन्मादी जुलूसों को खुले आम बिना किसी रोक-टोक के करने की इजाजत दी जा रही है। सदस्यता एवं आय व्यय का मसौदा भी चर्चा के लिए रखा गया है। सम्मेलन में सीटू के प्रदेशाध्यक्ष रामविलाश गोस्वामी, विद्या खंगार, पीएस पाण्डेय, पीके दत्ता, अमृतलाल विश्वकर्मा, महेश श्रीवास्तव, कमलेश शर्मा के अध्यक्ष मण्डल में चल रहे सम्मेलन में पूरे राज्यभर से तीन सौ प्रतिनिधि हिस्सेदारी कर रहे हैं। इस सम्मेलन मे बेरोजगारी, निजीकरण, मजदूरों पर दमन, साम्प्रदायिकता, मंहगाई आदि के खिलाफ  भी प्रस्ताव पास किये गये। तीन नवम्बर को सम्मेलन पर चर्चा उपरांत समापन पर नई राज्य समिति का भी चुनाव किया जाएगा। 

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