Prayagraj News: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज संगम में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा, करोड़ों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज संगम में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा, करोड़ों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
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श्रृद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई

शाहिद नकवी
प्रयागराज। माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगाए यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला संगम तट पर उमड़ पड़ा। दोपहर तक तक करीब 85 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके थे। कुल 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के स्नान करने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आम जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर द्वारा निगरानी की जा रही है।


उसी हेलीकॉप्टर द्वारा सभी पूजनीय संतोंए श्रद्धालुओंए कल्पवासियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाने के बाद विधि विधान से मां गंगा का पूजन अर्चन कर दीपदान किया। कंपकंपाती ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी दिखी। लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखा। घाटों के अलावा पूरे माघ मेला में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है।



पैदल के अलावा घुड़सवार पुलिस के जवान निगरानी कर रहे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। संगम जाने के सभी रास्ते पैक रहे। मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े जन ज्वार के बीच आधी रात शुरू हुई बारिश ने लाखों श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। माघ मेला क्षेत्र में सड़कों और पटरियों पर जमे बड़ी संख्या में लोग भीग कर ठिठुरते रहे। उधरए शिविरों में भी कई जगह पानी लग गया।इससे लोग ठंड के साथ बारिश की दोहरी मार का सामना करने के लिए मजबूर हो गए। रात करीब 11रू30 बजे बारिश शुरू होने से माघ मेला क्षेत्र में आफत सी आ गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश में शिविरों का हाल बेहाल हो गया।


श्रृद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई
माघ माह का अत्यंत पुण्य लाभ माने जाने वाला मौनी अमावस्या का पर्व बड़े ही शुभ अवसर पर शनिवार को मनाया जाएगा। प्रयागराज की पावन पवित्र संगम की धरती पर तंबुओं की नगरी में रहने वालों के अलावा दुनिया भर के लोग अदृश्य गंगा यमुना सरस्वती संगम समेत गंगा यमुना का स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। भारी तादाद में प्रशासन के द्वारा प्रत्येक यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा होता है। पूरे माघ मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे को स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी जारी है। इसके साथ ही हजारों की संख्या में जवान अपने कर्तव्यों का पालन करने में भी जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को मौनी अमावस्या स्नान पर्व के अवसर पर आम जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर द्वारा निगरानी की जाएगी। उसी हेलीकॉप्टर द्वारा सभी पूज्यनीय संतोंए श्रद्धालुओंए कल्पवासियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया जायेगा।



शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार दोपहर 12 बजे तक डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ;माघ मेलाद्ध राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि मेले की सुरक्षा में 5000 से अधिक कर्मी तैनात किए गए हैं. जिसमें नागरिक पुलिसए महिला पुलिसए घुड़सवार पुलिसए एलआईयू की टीम, खुफिया विभाग के अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल ;एसडीआरएफद्ध, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ;एनडीआरएफ, जल पुलिस आदि के कर्मी शामिल हैं। मिश्र के मुताबिक मेले में ष्रिवर एंबुलेंसष् और ष्फ्लोटिंगष् ;पानी में तैरती पुलिस चौकी की भी व्यवस्था की गई है।


उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरोंए शरीर पर धारण करने योग्य कैमरों और ड्रोन कैमरों से लोगों पर नजर रखी जा रही है। माघ मेले का अगला स्नान 26 जनवरी को बसंत पंचमीए पांच फरवरी को माघी पूर्णिमा और 18 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पड़ेगाए जिसके साथ माघ मेला संपन्न हो जाएगा।मौनी अमावस्या पर मेले में आए प्रमुख संतों.ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीए द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी सदानंदए सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानद सरस्वतीए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि आदि शामिल हैं। वहींए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी शनिवार सुबह संगम में डुबकी लगाई।शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद ने बताया कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर मौन रहकर संगम में स्नान करने से मन के पाप नष्ट हो जाते हैं और इस बार मौनी अमावस्या पर शनि अमावस्या का महायोग होने से गंगा स्नान विशेष फलदायी है