भारतीयों की होगी बल्ले-बल्ले, इस साल सैलरी में हो सकती है इतनी बढ़ोतरी

भारतीयों की होगी बल्ले-बल्ले, इस साल सैलरी में हो सकती है इतनी बढ़ोतरी
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भारतीयों की होगी बल्ले-बल्ले, इस साल सैलरी में हो सकती है इतनी बढ़ोतरी

पूरा विश्व मंदी की आहट को लेकर हैरान है। मल्टीनेशनल कंपनियों में जाब करने वाले कर्मचारियों में इन दिनों अपनी जाब को लेकर टेंशन देखी जा सकती है। विश्व की कई दिग्गज कंपनियों ने तो अपने यहां से कर्मचारियों की छंटनी भी कर दी है। ऐसे में जहां पूरे विश्व के कर्मचारियों में अपनी नौकरी को लेकर हताशा का माहौल है वही भारत में हालात कुछ अलग दिख रहे हैं। जानकारों की माने तो इस वर्ष भारतीयों की सैलरी में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। 


माइक्रोसाफ्ट, फेसबुक, ट्विटर समेत कई अन्य कंपनियों में छंटनी की खबरों के बीच भारतीय कर्मचारियों के लिए अच्छे समाचार मिल रहे हैं। एक रिपोर्ट की माने तो 2023 में भारतीय कर्मचारियों की सैलरी में 15 से 30 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। विश्व की प्रतिष्ठित कंसल्टिंग फर्म कॉर्न फैरी ग्लोबल की सैलरी फोरकास्ट सर्वे में इस बात की जानकारी दी गई है।


कंपनी ने अपने सर्वे रिपोर्ट में कहा है कि विगत वर्ष  9.4% की बढ़ोतरी के बाद 2023 में दक्षिण एशियाई राष्ट्र में औसतन वेतन में 9.8% की वृद्धि होने की संभावना है। रिपोर्ट में दावा है कि इस दौरान हाई-टेक इंडस्ट्री, जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारियों की सैलरी में 10% से भी अधिक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

विश्व की प्रतिष्ठित कंसल्टिंग फर्म कॉर्न फैरी ग्लोबल ने भारत में करीब 8 लाख से अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाली देश की बड़ी 818 कंपनियों में सर्वे किया। कंपनी द्वारा किए गए इस सर्वे के बाद इस तरह की संभावना जताई गई है। 

कंपनी ने जो सर्वे किया है उसकी रिपोर्ट में पाया गया कि वर्ष 2023 में भारत में 9.8% की वृद्धि, ऑस्ट्रेलिया में 3.5%, चीन में 5.5%, हांगकांग में 3.6%, इंडोनेशिया में 7%, कोरिया में 4.5%, मलेशिया में 5%, न्यूजीलैंड में 3.8%, फिलीपींस में 5.5%, सिंगापुर में 4%, थाईलैंड में 5%, वियतनाम में 8% तक की सैलरी की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। कंपनी का मानना है कि एशिया के कुछ देशों जिसमें प्रमुख रूप से भारत शामिल है वहां वैश्विक मंदी का असर काफी कम देखने को मिल सकता है। मंदी का सबसे ज्यादा असर विकसित देशों में देखने की आशंका जताई जा रही है।