जानिए पद्मासन योग करने का सही तरीका और सावधानियां, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

पद्मासन केवल एक बैठने के अवस्था नहीं है बल्की एक यौगिक क्रिया भी है
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Health Benefits Of Padmasana Yoga

जानिए पद्मासन योग करने का सही तरीका और सावधानियां, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

हमारा देश ऋषि मुनियों का देश है। आदिकाल से ऋषि मुनियों तपस्या ध्यान करने के लिए पद्मासन बैठ ते आ रहे है। ओर यह हमारी भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। पद्मासन केवल एक बैठने के अवस्था नहीं है बल्की एक यौगिक क्रिया भी है। जिस के फायदे अगणित है। पद्मासन दो अलग शब्दों से बना हुआ एक नाम है। जिस पहले शब्द पद्म है जिस का अर्थ कमल होता है। ओर दूसरा शब्द आसन है। जिस का अर्थ बैठना होता है। पद्मासन मे योगी ऐसी योगी ऐसी स्थिति में बैठता है जैसे कमल का फूल। आज हम आपको पद्मासन मे बैठने की सही विधि, फ़ायदे और क्या क्या सावधानियां बरतनी है यह बताने वाले है।

पद्मासन करने के लाभ

सदियों से कीए जानें वाला यौगिक क्रिया पद्मासन के काफी फायदे है। यह क्रिया आपकी अंदर के अलग से ऊर्जा भर देती है। ओर मन को शांति प्रदान करती है। जब भी आपका मन अशांत हो या बैचेनी मेहसूस करते है। तब अगर आप पद्मासन का अभ्यास शुरु करते है तो इसे आपको मन को शांति मेहसूस होगी।  यह क्रिया में बैठ कर ध्यान ओर  प्राणायाम करने से काफी फायदा होता है। चक्र या कुंडलिनी को जाग्रत करने के लिए पद्मासन सब से अच्छा आसन है। पद्मासन बहुत की शक्तिशाली आसन है। भगवान शिव भी इसी आसन में बैठ कर ध्यान करते दिखाया गया है। ये कमर और हृदय के रोगियों के लाइफ काफी लाभदायक आसन है। इसके तमाम भौतिक और आध्यात्मिक लाभ योगशास्त्र में बताए गए हैं।

पद्मासन करने की सही विधि

1. सीधे बैठ जाएं। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और टांगों को फैलाकर रखें।
2.  दाएं घुटने को मोड़कर बायीं जांघ पर रखें। एड़ी पेट के निचले हिस्से को छूनी चाहिए।
3. ऐसा ही दूसरी पैर के साथ भी करते हुए पेट तक लेकर आएं।
4. दोनों पैरों के क्रॉस होने के बाद अपने हाथों को मनपसंद मुद्रा में रखें।
5. सिर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।  
6. लंबी और गहरी सांसें लेते रहें।
7. सिर को धीरे से नीचे की तरफ ले जाएं। ठोड़ी को गले से छूने की कोशिश करें।
8. बाद में इसी आसन को दूसरे पैर को ऊपर रखकर अभ्यास करें।