जर्जर भवन तोड़ने पर मिलेगा मुफ्त में नया आशियाना, साथ में अन्य सुविधाएं, री-डेवलपमेंट पॉलिसी तैयार

घर का दायरा बढ़ाने के साथ ही सड़क, लिफ्ट और पार्किंग भी नई होगी
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डेंजरस बिल्डिंग

प्रदेशभर के लिए री-डेवलपमेंट पॉलिसी नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार कर ली है। जिसके अनुसार अब प्रदेश में किसी पुरानी हाईराइज बिल्डिंग को तोडऩे पर इंसेंटिव का प्रावधान दिया गया है। इसके साथ ही  पुराने फ्लैट के बदले में नया और बड़ा फ्लैट मुफ्त या फिर थोड़ी प्रीमियम राशि के साथ दिया जाएगा।

पॉलिसी को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा
बता दें कि शहरी क्षेत्रों में पुराने आवासीय कॉम्पलेक्स को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। इनमें वे भी इमारतें शामिल होंगी, जिन्हें नगरीय निकायों ने जर्जर घोषित किया है। जिन क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बहुत अधिक है, वहां निवास करने वालों को इस रीडेवलपमेंट पॉलिसी का अच्छा फायदा होगा। इस पॅलिसी का खाका तैयार कर लिया गया है, अब इस पॉलिसी को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार 
कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे अमल में लाया जायेगा। फिलहाल सरकारी जमीनों पर पुर्ननिर्माण के लिए री-डेंसीफिकेशन पॉलिसी लागू है। बता दें कि नई पॉलिसी के दायरे में निजी या विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित की गईं कॉलोनियां भी आ जाएंगी।

हाईराइज बिल्डिंग का चलन बढ़ा 
प्रदेश के करीब सभी बड़े शहरों में हाईराइज बिल्डिंग बनाने का चलन बढ़ा है। पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों को तोडऩे में कानून व्यवस्था के हालात निर्मित होते हैं। नई नीति लागू होने से ऐसे हालातों को काबू किया जा सकेगा। इसके साथ ही नए निर्माण के दौरान सीवेज, वॉटर, ड्रेनेज नेटवर्क और पार्किंग व लिफ्ट सुविधा पर भी नए सिरे से काम हो सकेगा, जिसका लाभ यहां रहने वाले लोगों को मिलेगा।