केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के विचारों पर केंद्र का है पूरा समर्थन

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कोयंबतूर में अपने भाषण में कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल कुछ पृष्ठों का दस्तावेज नहीं है।
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केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कोयंबतूर में अपने भाषण में कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल कुछ पृष्ठों का दस्तावेज नहीं है। बल्कि इनमें छात्रों के लाभ के लिए कई नयी विशेषताएँ है। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्यों की संवरती सूची का हिस्सा है। लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि तमिलनाडु भी इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकार करेगा।

 कोयंबतूर में एक समारोह को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनईपी पर केंद्र सरकार नये विचारों एवं तरीक़ों को खुली तरह संबोधित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश के सभी लोगों को मातृभाषा सीखनी चाहिए। और एनईपी के तहत आने वाले वर्षों में मातृभाषा को सीखने,पढ़ने और लिखने में मदद मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद से सभी भारतीय भाषाओं में पुस्तकों को प्रकाशित करने के बारे में कहा है। 

उन्होंने कहा की मातृभाषा में पढ़ने से बच्चों का विकास बेहतर होगा और भारत की भारत की शिक्षा, सशक्तिकरण और ज्ञान पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और फ़ोन दुनिया की आवश्यकताएँ हैं। और हम एंड्राइड और आईओएस जैसे तकनीकों पर निर्भर है। 

हालाँकि आईआईटी मद्रास ने कुछ दिनों पहले ही स्वदेशी तकनीक 5जी के लिए विकसित की है। उन्होंने कोवि-19 टीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि, “भारतीयों ने टीकाकरण कराया है, लेकिन दुनिया में किसी भी देश को टीकाकरण के कुछ सेकेंडों के बाद ही प्रमाण पत्र नहीं मिलता। यह भारत की ही तकनीक है जो हम विकसित कर रहे है।

महिला सशक्तिकरण लड़की उन्होंने कहा कि - तमिलनाडु देश के कई हिस्सों से बहुत आगे है और यहाँ कामकाजी महिलाओं की भी संख्या अधिक है। भारत लोकतंत्र की जननी है  और तमिलनाडु इसका केंद्र रहा है। इस वर्ष भारत में G20 अध्यक्षता के दौरान, मुझे पूरी उम्मीद है कि विश्वविद्यालय में इसके बारे में अवश्य चर्चा और विचार विमर्श होगा। 

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे बताते हुए कहा कि सरकार और वित्त मंत्रालय नयी शिक्षा को पूरा समर्थन दे रहे है और अगले बजट में और धनराशि वितरित हो जाएगी।