Rewa News: रीवा के सेंट्रल जेल से 26 जनवरी के अवसर पर रिहा किए जाएँगे 15 क़ैदी

रीवा के सेंट्रल जेल से एक चाल चलन वाले लोगों को इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिहा किए जाएगा। इन आरोपियों की रिहाई का प्रस्ताव जेल प्रबंधन के द्वारा भोपाल मुख्यालय भेजा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है
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रीवा के सेंट्रल जेल से एक चाल चलन वाले लोगों को इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिहा किए जाएगा। इन आरोपियों की रिहाई का प्रस्ताव जेल प्रबंधन के द्वारा भोपाल मुख्यालय भेजा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। मध्यप्रदेश के जेलों में 15 अगस्त, 26 जनवरी  और अंबेडकर जयंती के अवसर पर कैदियो को रिहा करने का नियम बनाया गया है। अच्छे चाल चलन एवं बेहतर गतिविधियों को देखते हुए इन क़ैदियों को रिहा कर दिया जाता है। 

भोपाल मुख्यालय से मिली स्वीकृति 
बताया गया है कि आजीवन कारावास की सजा मिलने वाले उन क़ैदियों को गणतंत्र दिवस पर रिहाई दी जाती है, जिन्होंने सजा के 14 साल और माफ़ी मिलकर 20 साल का कारावास भुगत लिया है। 

इसके मुताबिक़ केंद्रीय जेल के 15 क़ैदियों ने ये मापदंड पूर्ण कर लिया है। और इनका प्रस्ताव जेल मुख्यालय भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्रदान कर दी गई हाऊ। अब उन्हें 26 जनवरी को रिहा किया जाएगा। देशद्रोह सहित, गंभीर अपराध वाले क़ैदियों को रिहाई की पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया है। हर साल राष्ट्रीय पर्व पर क़ैदियों को रिहा किया जाता है और संकल्प दिलाया जाता है की वो जेल से बाहर आने के बाद सामाजिक सरोकार से जुड़ेंगे। आपको बता दे कि जिन कैदियो की रिहाई का प्रस्ताव भेजा जाता है, उसका निरीक्षण किया जाता है तभी ये क़ैदी रिहा होते हैं। 

इन क़ैदियों को मिलेगी रिहाई 
रीवा के सेंट्रल जेल से 26 जनवरी को जिन क़ैदियों की रिहाई की जायेगी उनमे हारिलाल साहू, बुद्धसेन लोनिया, देवराज पटेल, पिंटू साहू, रामपाल , दिलीप सिंह, राममिलन सिंह, हनुमान गुप्ता, जगत सिंह, रामाधार, विनोद कुमार, राम सिंह, सोमेश्वर सिंह, पेसाई, श्यामसुन्दर आदि हैं। 

इस संबंध में सेंट्रल जेल के रीवा अधीक्षक एसके उपाध्याय का कहना है कि अच्छे चाल चलन एवं बेहतर व्यवहार के साथ 14 साल की माफ़ी मिलकर 20 साल का कारावास भुगत चुके क़ैदियों की रिहाई का प्रस्ताव भोपाल के जेल मुख्यालय में भेज दिया गया था, जिन्हें रिहा करने की स्वीकृति मिल गई है। 26 जनवरी को इन क़ैदियों को रिहा कर दिया जाएगा।