निरीक्षण दल पहुंचा तो फिर से स्कूल को बता दिया गया नर्सिंग कालेज, जांच टीम पर भी उठ रहे सवाल

टीम को अंदर करके बंद कर दिया गया बाहर से ताला- स्कूली छात्रों की घोषित कर दी गई थी छुट्टी
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 BHANMATI COLLEGE OF NURSING SIDHI

रीवा/सीधी. पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कालेज के लिए में बड़े स्तर पर गोरखधंधा चलाया जा रहा है । यह सब जिले में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के संरक्षण में यह कारोबार जमकर फलफूल रहा है । जांच में आने वाली टीम को ये नर्सिंग कालेज संचालक गुमराह करके और उनको नजराना भेंटकर रवाना कर देते है । खबर प्रकाशन के बाद विगत दिनों जांच करने टीम पहुंची थी तो फिर जांच पर खड़े हो रहे सवाल से स्कूल का नाम पुतवाकर ऊपर से नर्सिंग कालेज के बोर्ड टांग दिए गए थे । 

आदिवासी क्षेत्रों में नर्सिंग कालेज संचालन में सरकार द्वारा काफी छूट प्रदान की जाती है जिसके चलते नर्सिंग कालेज संचालकों द्वारा कुसमी ब्लाक के नाम पर मान्यता लेकर धड़ से कागजों में कालेजों का संचालन किया जा रहा है । आदिवासी क्षेत्र में कालेज संचालित करने लिए सरकार द्वारा कई प्रकार की छूट प्रदान की जाती है । जिस पर खबर का प्रकाशन  विगत दिनों किये जाने के बाद दो सदस्यी टीम द्वारा भानमती नर्सिंग कालेज का निरीक्षण किया गया था लेकिन क्या - क्या जांच हुई और क्या कमियां पाई गई यह किसी को नहीं बताया गया है। 

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कालेज कुसमी में संचालित या फिर मझौली ब्लाक में कमरे कितने साईज के है और कितने वर्गफिट में कालेज का संचालन किया जा रहा है इसका तो निर्धारण तहसीलदार को करना था जब मौके पर तहसीलदार थे ही नहीं तो इनके द्वारा क्या निरीक्षण किया गया यह तो जांच टीम ही बता सकती है । किया गया था । 

खबर को संज्ञान में लेते हुए विगत दिनो भानमती नर्सिंग कालेज का डॉ एस.के सूत्रकार एवं रीना पटेल रीवा से जांच करने पहुंचे से इनके साथ नायब तहसीलदार कुसमी को रहना था लेकिन तहसीलदार मौके पर उपस्थित नहीं थे साथ ही टीम के अंदर प्रवेश करते ही बाहर से गेट पर ताला बंद कर दिया गया था । जबकि एक बार फिर से गुरुकुल स्कूल भदौरा में भानमती नर्सिंग कालेज का बोर्ड टाग दिया गया था और टीम के आने की भनक संचालक को पहले से ही लग गई थी जिसकी वजह से उस दिन गुरुकुल स्कूल की छुट्टी भी कर दी.

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जांच करने भोपाल से है निर्देश 

2022-23 की मान्यता के लिए भोपाल में निरीक्षण दल गठित कर दिये गए है । जिसमें अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान द्वारा राजस्व में कलेक्टर प्रतिनिधि भी नियुक्त किया गया है । जिससे जमीन के पेपर संबंधित सभी रिकार्ड को देखा जा सके । लेकिन विगत दिनो संग कालेजों का निरीक्षण करने टीम आई हुई थी और इसको सूचना पहले से ही जर्सिंग कालेज संचालकों को लग चुकी थी जिन्होंने बकायदा बोर्ड दांग लिये गए थे । लेकिन उक्त टॉम में राजस्व अधिकारी ही नहीं थे तो किस प्रकार की जांच डाक्टरों द्वारा की गई है । यह सबसे बड़ा अब बन चुका है । गई थी । सूत्रों द्वारा बताया गया कि भानमती नर्सिंग कालेज की मान्यता आदिवासी ब्लाक कुसमी के लिए मिली हुई इसका पता रिकार्ड में गोतरा , भदौरा डला हुआ है । मानमती नर्सिंग कालेज की मान्यता लेते समय जिस भवन का निरीक्षण कराया गया उस भवन में गुरुकुल स्कूल संचालित की जा रही है । साथ ही जिस जगह पर गुरुकुल स्कूल संचालित की जा रही वह स्थान पुंआडोल तहसील मझौली के अन्तर्गत आती है । जिस जगह पर गुरुकुल स्कूल संचालित की जा रही है उसका रकवा नंबर 190 में 24 अप्रैल 2012 को शैक्षणिक के रूप में कराया गया है । भानमती नर्सिंग कालेज के संचालक द्वारा जिस जगह पर बिल्डिंग होने की बात कही जा रही है उस जगह पर जियोटैग किया गया है जिसका लोकेशन एक खेत का आ रहा है उस जगह पर सिर्फ खेत दिख रहा है । इन सब के बावजूद मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा 21 अप्रैल 2022 को भानमती नर्सिंग कालेज सीधी को मान्यता प्रदान कर दी गई । जिसमें बीएससी 60 एवं जीएनएम के लिए 60 सीटें आवंटित कर दी गई । 

इनका कहना 

विगत दिनो नसिंग कालेज की करने आये थे लेकिन हम दो दिनों की छुट्टी पर थे हम जांच टीम के साथ नहीं गए थे ।
रोहित सिंह परिहार, तहसीलदार कुसमी 

विगत दिनो हमने नर्सिंग कालेजों का निरीक्षण किया था और कितनी कालेजों का निरीक्षण किया है और इनमें क्या कमियां पाई गई है वह हम आपको नहीं बता सकते है हमने जांच प्रतिवेदन शासन को भेज दिया है आप शासन में जानकारी ले सकते है । सारी रिपोर्ट कान्फीडेसियल है।
डॉ. एस. के सूत्रकार


यह थी शासन की मंशा 
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग कालेज द्वारा भवन / भूमि से संबंधित दस्तावेज लगाये जाते है जिनका सत्यापन मौके पर ही किया जाना होता है । पूर्व के निरीक्षण में संस्थाओं द्वारा छद्म दस्तावेज उपलब्ध कराये जाते हैं एवं नर्सिंग कालेज सामान्यत: किसी अन्य क्षेत्र अथवा दूरस्थ इलाकों में स्थापित पाये जाते है एवं उपलब्ध कराए गए पते पर निरीक्षण दल को डॉ एसके सूत्रकार निरीक्षण दल को संलग्न प्रारूप अनुसार निरीक्षण समय - सीमा में पूर्ण कर रिपोर्ट देना आवश्यक होता है । माननीय न्यायालय द्वारा भी समय समय पर इस संबंध में निर्देश दिए गए है । इस प्रयोजन हेतु निरीक्षण दल में अंकित उपखंड के एसडीएम को भी नामांकित किया जा रहा है । कलेक्टर द्वारा संबंधित क्षेत्र के डिप्टी फलेक्टर एसडीएम अथवा एवं तहसीलदार नायब तहसीलदार को पहुंचने में कठिनाई होती है । नामांकित किया सकता है ।